“2017 से पहले कुंभ व्यवस्था का शिकार था” : योगी 

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"2017 से पहले कुंभ व्यवस्था का शिकार था" : योगी 

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में हुए महाकुंभ की सफलता पर आयोजित एक कार्यक्रम की समीक्षा की, जिसमें उन्होंने बयान देते हुए प्रयागराज के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए कहा कि ” प्रयागराज नगर निगम की इस कार्यकारिणी को सौभाग्य प्राप्त होता है कि इसने सदी के महाकुंभ के आयोजन को संपन्न कराने में अपना योगदान दिया। जब गत वर्ष प्रयागराज के इतिहास में और दुनिया के इतिहास में प्रयागराज ने एक नए अध्याय का सृजन किया। एक भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन महाकुंभ का आयोजन करके पूरे देश और पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित किया। 45 दिन के इस आयोजन में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आकर के मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के त्रिवेणी के इस महासंगम में ज्ञान, भक्ति और कर्म की एक नई प्रेरणा प्राप्त करके ऊर्जा के अक्षय स्रोत, भारत की वैदिक और पौराणिक काल के इस पावन धारा को नमन करके अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए इस संगम में स्नान की आस्था के स्नान की पवित्र डुबकी लगाकर अपने जन्म और जीवन को धन्य किया था। नगर निगम हमारी कार्यकारिणी ने उनके स्वागत के लिए, उनकी सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया था और परिणाम रहा भव्य और दिव्य कुंभ को हम दुनिया के सामने दे पाए। यही प्रयागराज है।” 


आगे योगी ने कहा कि “2017 के पहले माघ मेला हो, कुंभ के आयोजन हो, वे गंदगी के, भगदड़ के, अव्यवस्था के, अराजकता के शिकार होते थे। लोग आना नहीं चाहते थे, लोग आना नहीं चाहते थे। लेकिन जब 19 में हमारी सरकार को पहली बार प्रयागराज कुंभ के आयोजन को करने का अवसर प्राप्त हुआ था तब प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से और उनके प्रयास से प्रयागराज के कुंभ को यूनेस्को ने मानवता के अमूर्त धरोहर के रूप में मान्यता देकर के हमारे पूर्वजों की इस परंपरा को, हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा के इस आयोजन को वैश्विक मान्यता देने का काम किया था। हर भारतवासी, हर सनातन धर्मावलंबी के लिए गौरव की बात थी और उसी गौरव के साथ जुड़ने का अवसर उन्नीस में भी और पच्चीस में भी हमारी सरकार को प्राप्त हुआ। मैं इसके लिए नगर निगम के उन सभी पार्षदों को, वर्तमान और पूर्व महापौर को, उन सभी कार्मिकों को, उन सभी सफाईकर्मियों को, उन सभी सुरक्षाकर्मियों को जिन्होंने प्रयागराज के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को कुंभ हो या महाकुंभ, उसी भव्य और दिव्य तरीके से संपन्न करके प्रयागराज को वैश्विक मान्यता दिलाने में अपना योगदान दिया था।”