ग्वालियर | ग्वालियर पुलिस ने ‘सेठ के बेटा हुआ और दान मिलेगा’ का झांसा देकर बुजुर्ग महिला से जेवर ठगने वाली गैंग को दबोच लिया है पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर महिला से ठगे गए सोने के जेवरात बरामद कर लिए हैं। गैंग में शामिल एक आरोपी महाराष्ट्र का रहने वाला है। पुलिस आरोपियों से अन्य वारदातों को लेकर पूछताछ कर रही है।
जानें पूरा मामला
दरअसल मुरार थाना क्षेत्र के लाल टिपारा निवासी 60 वर्षीय रामवती 28 अप्रैल को पंखा खरीदने सदर बाजार आई थीं। बाजार से घर लौटते समय दो युवकों ने रामवती को रोका और कहा- “माताजी, हमारे सेठ के यहाँ 10 साल बाद बेटा हुआ है। वह खूब दान बांट रहे हैं।” झांसे में लेकर बदमाश उन्हें कोतवाली संतरे की ओर ले गए। वहां उन्होंने कहा कि आपने इतने गहने पहन रखे हैं। सेठ आपको अमीर समझकर दान नहीं देगा। गरीब दिखना है तो इन्हें उतारकर थैले में रख लो। रामवती ने मंगलसूत्र, एक जोड़ी बाले और सोने का ओम उतरवाकर थैले में रख लिए। जिसके बाद बदमाशों ने चार कुरकुरे के पैकेट लाकर थैले में रख दिए और इसी दौरान नजर बचाकर जेवर पार कर दिए। फिर थैला वापस देकर थोड़ी देर में आने की बात कहकर रफूचक्कर हो गए। घर पहुंचकर थैला खोला तो उसमें कुरकुरे के पैकेट देखकर ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस का एक्शन
पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले तो दो संदिग्ध युवक नजर आए। दोनों ने महिला को घेरकर बातों में उलझाया और जेवर उतरवाए। सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों को चिन्हित किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम शिवपुरी के सतनवाड़ा पहुंची। दोनों आरोपियों को पुलिस से गिरफ्तार कर लिया इसके साथ ठगी की वारदात करना स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सैलानी पिता स्व.गंगाराम आदिवासी उम्र 30 साल निवासी ग्राम टेह थाना सतनवाड़ा शिवपुरी और श्रीनिवास उर्फ कन्हैया पुत्र रामदास काले उम्र 40 साल निवासी शिवाजी नगर नांदेड़ महाराष्ट्र शामिल हैं। वही पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों से अन्य धोखाधड़ी की वारदातों को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि यह गैंग कई शहरों में इसी तरह की वारदातें कर चुकी है।