नर्मदापुरम जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां डॉक्टर की गैर मौजूदगी में अटेंडेंट ने ही अपने आप को सर्जन समझ कर हाल ही में मां बनी 20 से 22 वर्षीय महिला के साथ सर्जरी कर दी। अटेंडर में महिला को कम से कम 7 से 8 बार अस्पताल बुलाया और हर बार ड्रेसिंग के नाम पर चीरा लगा दिया, दिन पर दिन उसकी तबीयत बिगड़ती गई। जब अटेंडर की लापरवाही पर सवाल उठे, तब उसने अपनी गलती स्वीकार की। इस मामले की पुलिस को सूचना दी गई इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही तेज कर दी है।
जानें पूरा मामला
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया सिविल अस्पताल से ऐसी घटना सामने आई है जिसने सरकारी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दरअसल हाल ही में मां बनी महिला संगीता जिसको चेस्ट में पस की दिक्कत थी। इस दिक्कत के लिए संगीता आशा के साथ पिपरिया सिविल अस्पताल पहुंची, संगीता की मुलाकात अस्पताल में अटेंडर से हुई, अस्पताल में डॉक्टर की गैर मौजूदगी में अटेंडर ने अपने आप को डॉक्टर समझ कर महिला को सलाह दे दी, जिसमें उसने महिला से करीबन ₹10000 से ज्यादा ऐंठ लिए। अटेंडर ने महिला के साथ करीबन 7 से 8 बार उसके स्तन पर चीरा लगाया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। जब अटेंडर कलेक्शन लिया गया, तब पता चला कि वह डॉक्टर नहीं है बल्कि अस्पताल का अटेंडर है। इसके बाद इस अटेंडर पर कार्रवाई की गई।
अटेंडर के बारे में
अटेंडर का नाम बरसाती लाल बताया जा रहा है जो पहले पचमढ़ी में काम करता था वहां से हटाए जाने के बाद वह नर्मदा पुरम जिले पिपरिया सिविल अस्पताल में कार्यरत था लेकिन उसकी लापरवाही से अब स्वास्थ्य विभाग ने अटेंडर बरसाती लाल को निलंबित कर दिया है।
पुलिस का एक्शन
पीड़िता संगीता ने पुलिस को पूरा मामला बताया, इसके बाद पुलिस में मामले का संज्ञान लिया, आरोपी बरसाती लाल को पुलिस ने पकड़ लिया है और उससे पूछताछ जा रही है।