राघव चड्ढा जिन्हें पहचान देने वाली आम आदमी पार्टी थी। राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी को 2012 में ज्वाइन किया था और बोला कि जो काम केजरीवाल जनता के लिए करते है, वह उन्हें अधिक प्रभावित करता है और वो भी उनके सिद्धान्तों पे चल के जनता के हित में काम करेंगे। मगर 3 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा का बयान आया कि उन्हें राज्य सभा के डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है। आम आदमी पार्टी उन्हें जनता की आवाज उठाने से रोक रही है, मगर मैं चुप नहीं रहेगा। इस कारण लोगों को भनक लग गई कि आम आदमी पार्टी के अंदर हलचल तेज है। राघव चड्ढा का पद अशोक मित्तल को दे दिया गया था। जिससे लोगों को अंदाजा हो गया था कि राघव जल्द ही पार्टी से एग्जिट लेंगे और कल यह बात साबित भी हो गई।
राघव चड्ढा ने 24 अप्रैल 2025 को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया और आज राघव चड्ढा अपने साथ 6 और सांसदों को इस्तीफा दिलवा कर बीजेपी में सम्मिलित करवा दिया। लेकिन, सवाल यह है कि जिस पार्टी की राघव चड्ढा खुले कर आलोचना करते थे और कहते थे कि बीजेपी गुंडों की पार्टी है, जो की सारे अनपढ़ गुंडों से भरी हुई है, वह सिर्फ गुंडागर्दी करती है अब सारी क्लिप्स आज बहुत तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उन्होंने जो बड़े–बड़े दावे किए थे कि बीजेपी केजरीवाल से डरती है और वह आप पार्टी के नेतृत्व को कमज़ोर कर रही है और लोकतंत्र पर हमला कर रही है।
आज वही राघव चड्ढा बीजेपी की तारीफ करते नहीं थक रहे, उन्होंने कहा कि उन्हें नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व पर पूरा विश्वास है। कल तक जो पार्टी अनपढ़ गुंडों से भरी हुई थी ,आज वही पार्टी के नेतृत्व पर राघव चड्ढा को भरोसा हो गया। यह वही राघव चड्ढा है जो कि बीजेपी को सत्ता का भूखा बता रहे थे, तो आज यह कहना गलत नहीं होगा कि राघव चड्ढा को भी जनता के हित की नहीं बल्कि सत्ता की ही भूख है, लोगो ने आलोचना करते हुए कहा पहले बीजेपी अनपढ़ गुंडों से भरी थी तो अब पढ़े लिखे गुंडे भी बीजेपी में शामिल हो रहे है।
क्या आम आदमी पार्टी को पहुंचेगा बड़ा घाटा?
यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने 2027 पंजाब राज्यसभा चुनाव के पहले ही आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया, उन्हें यह अच्छी तरह पता था कि आम आदमी पार्टी की राजनीति अब कमजोर हो गई है, राघव चड्ढा को लगता था कि उनकी वजह से पंजाब का चुनाव जीते थे, पिछले कुछ सालों से आम आदमी पार्टी की हालत सही नहीं है, लेकिन अब जब AAP के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ओर उनके सहित 6 और सांसदों के इस्तीफा देने के बाद 10 में से सात (दो – तिहाई) बीजेपी में चली गई है। जिससे अब आम आदमी पार्टी की राजनीति को बड़ा झटका मिला है।
जिस पार्टी को राघव चड्ढा ने अपने 15 साल दिए ,उसी पार्टी को भ्रष्टाचारी बताया और यह भी बोले कि मैं गलत पार्टी में सही इंसान था। राजनीति में पलटी मारना कोई बड़ी बात नहीं है, हर कोई सत्ता के पीछे ही भाग रहा है चाहे वह राघव चड्ढा हो यह फिर कोई और नेता। सच यही है कि जनता के हित में कोई नहीं है, सबको सत्ता की भूख है, इसलिए इधर से उधर पलटी मारने का खेल जारी है।