ग्वालियर। शनिवार को पड़ाव स्थित आईकॉम मीड़िया सेंटर पर एक सामाजिक परिचर्चा का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि वरिष्ठ लेबर इंस्पेक्टर आलोक शर्मा व विशिष्ठ अतिथि डॉ कल्पना पाठक, सुपरडेंट ईएसआई हॉस्पीटल उपस्थित रही। चर्चा की शुरूआत में वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी डॉ केशव पाण्डेय ने मुख्यअतिथि का सम्मान शॉल व श्रीफल के साथ स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। साथ ही उपस्थित लोगो ने माला पहनाकर स्वागत किया।
डॉ पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में श्रम विभाग द्वारा श्रम कानून को लागू कराने में किए जा रहे कार्यो पर चर्चा की व बाल मजदूरी को उन्मूलन, श्रमिको के शोषण व मजदूरो के साथ इंण्डस्ट्रीज में होने वाले अन्याय से बचाने/राहत दिलाने किए जा रहे कार्य के बारे में बताया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में अपने जीवन के शुरूआती संघर्षो पर चर्चा की साथ ही नौकरी के दौरान बस्तर में नक्सली क्षेत्र में तत्कालीन नौकरी के दौरान आने वाली समस्यों के अनुभव साझा किए। आगे उन्होंने कहा कि मजदूर दो प्रकार के होते है संगठित व असंगठित मजदूर। दोनो प्रकारो के मजदूरों को अलग प्रकार की समस्याओं का सामना करना पडता है। समय-समय पर आने वाली समस्या को दूर करने विभाग द्वारा कैम्पों का आयोजन भी किया जाता है, साथ ही नगरीय व ग्रामीण मजदूरों को सरकार द्वारा श्रम कार्ड, बीमा व संबल योजना जैसे योजनाओं से मिलने वाले लाभ के बारे में बताया।
उन्होंने पीथमपुर व ग्वालियर में नौकरी के दौरान प्राप्त अनुभव के आधार पर पीथमपुर के विकास व अंचल में औद्योगिक क्षेत्र के पिछडने के बीच के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंचल में यूनियम का प्रभाव औद्योगिक पिछडे़पन का प्रमुख कारण है। जेसी मिल, बानमोर, मालनपुर शामिल इसका स्पष्ठ उदाहरण है।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि डॉ कल्पना पाठक ने ईएसआई हॉस्पीटल द्वारा किए जा रहे व मरीजो को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही वरिष्ठ पत्रकार रामबाबू कटारे ने श्रम विभाग राज्य एडवाइजरी कमेटी में बतौर सदस्य रहते हुए प्राप्त अनुभवों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन महेश मुदगल ने किया। व उपस्थित लोगों का आभार विवेक शुढेले ने किया। चर्चा में मिश्रा हॉस्पीटल के डायरेक्टर डॉ सौरभ मिश्रा, पवन शर्मा, संतोष वशिष्ठ, आचार्य चन्द्रशेखर, देवेन्द्र अहिरवार, मनीष शर्मा, शीरीन खान, खुशी राय मौजूद रही।