ग्वालियर में शराब कारोबारी के मुनीम से नकदी लूटने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लूट में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की तत्परता से कुछ ही दिनों में पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
पीड़ित की पहचान शब्द प्रताप आश्रम निवासी अनिल राजपूत के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मुरैना जिले का रहने वाला है। अनिल, आमखो स्थित शराब कारोबारी जगदीश शिवहरे की दुकान पर मुनीम का काम करता है। पुलिस के मुताबिक, 9 दिसंबर की रात अनिल बिक्री के 1 लाख 81 हजार 500 रुपये लेकर रॉक्सी चौराहे पर शराब ठेकेदार को देने जा रहा था।
जब अनिल आमखो कलारी से निकलकर कस्तूरबा चौराहे के पास पहुंचा, तभी नीले रंग की बलेनो कार से आए बदमाशों ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने अनिल को धक्का देकर गिराया, उसके साथ मारपीट की और नकदी से भरा बैग छीनकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से लुटेरों की कार का नंबर ट्रेस किया। जब पुलिस कार के कथित मालिक तक पहुंची, तो उसने बताया कि उसने यह कार खरीदी ही नहीं है और उसके दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बाद पुलिस ने कार के बीमा में दर्ज मोबाइल नंबरों की जांच की, जिससे बदमाशों की पहचान संभव हो सकी।
पुलिस ने सोमवार को कैंसर पहाड़िया इलाके से पूरी गैंग को गिरफ्तार कर लिया और लूट में इस्तेमाल की गई बलेनो कार भी बरामद कर ली। गिरफ्तार आरोपियों में बनवारी लोधी, करन सिंह बघेल, मनीष सिंह बघेल और सुरेन्द्र सिंह बघेल शामिल हैं।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों में से करन सिंह बघेल पहले शराब कारोबारी के मुनीम अनिल राजपूत के साथ काम कर चुका था। करीब पांच दिन पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते करन अपने साथियों के साथ अनिल से मारपीट करने पहुंचा था। हालांकि, मारपीट के दौरान जब बदमाशों की नजर नकदी से भरे बैग पर पड़ी, तो उन्होंने उसे भी लूट लिया। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।