कृषि छात्र तकनीक और नवाचार के माध्यम से बनें विकसित भारत के सारथी : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

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राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का 11वाँ दीक्षांत समारोह

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का 11वाँ दीक्षांत समारोह, 543 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ

ग्वालियर | 11 दिसंबर 2025

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कृषि विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री सिंधिया ने कहा कि आज का कृषि छात्र केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और संवेदनशीलता से लैस भारत के भविष्य का निर्माता है।

उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को अपनाकर युवा विद्यार्थी देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं।

सफलता के तीन मूल मंत्र : विजन, सहयोग और संवेदनशीलता

केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों को सफलता के तीन महत्वपूर्ण सूत्र बताए—

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  • विजन (Vision) : कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए स्पष्ट लक्ष्य और दूरदृष्टि
  • कोलैबोरेशन (Collaboration) : टीमवर्क और संस्थागत सहयोग से बड़े लक्ष्य हासिल करना
  • कम्पैशन (Compassion) : किसानों के प्रति करुणा, जिम्मेदारी और सेवा भाव

उन्होंने कहा कि इन्हीं मूल्यों के आधार पर एक सशक्त और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था का निर्माण संभव है।

डिजिटल कृषि, एआई और ड्रोन हैं भविष्य की दिशा

श्री सिंधिया ने अपने संबोधन में डिजिटल एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक को कृषि क्षेत्र का भविष्य बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित भारत की ओर अग्रसर है और इस परिवर्तन का नेतृत्व युवा कृषि वैज्ञानिकों को करना होगा।

543 विद्यार्थियों को उपाधि, 4 छात्राओं को स्वर्ण पदक

दीक्षांत समारोह में कुल 543 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं—

  • स्नातक : 257
  • स्नातकोत्तर : 256
  • पीएचडी : 30

इसके साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 4 प्रतिभाशाली छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

किसान कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : कृषि मंत्री

मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। नई योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और शोध आधारित कृषि के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

‘जेनेटिक ग्रेन’ और शोध पर विशेष जोर

कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य की खाद्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ‘जेनेटिक ग्रेन’ और उन्नत बीज तकनीक पर विशेष फोकस करने की आवश्यकता है।

दीक्षांत समारोह में गणमान्य जनों की उपस्थिति

इस गरिमामय अवसर पर—

  • कुलगुरु प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला
  • ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर
  • कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना
  • विधायक श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह
  • विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी एवं विद्यार्थी

उपस्थित रहे।

एरोपॉनिक यूनिट का उद्घाटन और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक एरोपॉनिक यूनिट का उद्घाटन किया। साथ ही जैविक तालाब एवं IFS (इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम) मॉड्यूल का अवलोकन किया। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ उन्होंने परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।


तकनीक, नवाचार और संवेदनशीलता से ही बनेगा आत्मनिर्भर और विकसित भारत

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