कला, संस्कृति और परंपरा का संगम बना ग्वालियर का 20वां अंतर्राष्ट्रीय उद्भव उत्सव, जहां भारत के साथ-साथ तूबा, एस्टोनिया और रूस से आए कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) के सभागार में आयोजित इस उत्सव के दूसरे दिन मंच पर देश-विदेश से आई टीमों ने क्लासिकल, सेमी-क्लासिकल और फोक डांस के ज़रिए नृत्य का भव्य उत्सव रचा।
कला में आध्यात्मिकता का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत क्लासिकल डांस प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक शक्ति और भक्ति भाव को नृत्य के माध्यम से दर्शाया गया। बरसाना के लोकनृत्य में श्रीकृष्ण और गोपियों की मनोहर झलक ने सभागार में भक्तिमय वातावरण बना दिया। वहीं, इंदौर की गंधर्व एकेडमी के मयूर नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया और तालियों की गूंज देर तक सभागार में सुनाई देती रही।

विदेशी कलाकारों का आकर्षण
रूस, तूबा और साइबेरिया से आए कलाकारों ने अपने-अपने देशों की लोकसंस्कृति को मंच पर जीवंत किया। पारंपरिक परिधानों और जोशभरे संगीत के साथ उन्होंने भारतीय दर्शकों को अंतर्राष्ट्रीय लोकनृत्य की झलक दिखाई।

मुख्य अतिथि और प्रेरक संदेश
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. राजकुमार आचार्य (कुलपति, जीवाजी विश्वविद्यालय) ने कहा — “दो दशक से बिना शासकीय मदद के इस स्तर पर संस्था का संचालन सराहनीय है। कला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि देवपूजन और साधना का माध्यम है।”
इसके अलावा IITTM डायरेक्टर डॉ. आलोक शर्मा, संस्था अध्यक्ष डॉ. केशव पांडे, सचिव दीपक तोमर और ग्रीनवुड स्कूल डायरेक्टर किरण भदौरिया भी मंच पर मौजूद रहे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी सभी प्रतिभागियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डांस कैटेगरी और प्रमुख प्रस्तुतियां
इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कई श्रेणियों में शानदार प्रस्तुतियां दी गईं —
- स्कूल क्लासिकल: विद्या देवी जिंदल स्कूल (हिसार), क्वींस कॉलेज (इंदौर), डीपीएस गुड़गांव
- ओपन क्लासिकल: कथक विद्या निकेतन (ग्वालियर), गंधर्व अकादमी (इंदौर)
- सेमी क्लासिकल: डीपीएस इंटरनेशनल (गुड़गांव), जयपुरिया स्कूल (लखनऊ), विद्या देवी जिंदल स्कूल (हिसार)
- ओपन सेमी क्लासिकल: एमआईटीएस (ग्वालियर), कथक विद्या निकेतन, गंधर्व अकादमी आदि संस्थाएं
- फोक डांस श्रेणी में विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने भारत की लोकसंस्कृति को नृत्य के माध्यम से प्रदर्शित किया।
आगामी कार्यक्रम
मंगलवार, 28 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से IITTM सभागार में सोलो डांस प्रस्तुतियां होंगी। वहीं, शाम को ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल, आदित्यपुरम में होने वाला कार्यक्रम बारिश के कारण अब जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित किया जाएगा।
उद्भव उत्सव सिर्फ नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि यह ग्वालियर की उस सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बन चुका है, जो कला के ज़रिए विश्वभर में भारत की पहचान को नए आयाम देता है।