ग्वालियर में फर्जी क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर सख्ती दिखाते हुए पिछले दो महीनों में 25 से अधिक फर्जी क्लीनिकों पर छापामार कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की टीम ने इन क्लीनिकों को सील कर दिया है और कई फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
CMHO की टीम ने लगातार चल रहे निरीक्षण अभियान के दौरान पाया कि कई जगहों पर RMP और BAMS डिग्रीधारी डॉक्टर गैरकानूनी तरीके से एलोपैथी का इलाज कर रहे थे। वहीं कुछ जगह बी-फार्मा, यहां तक कि 10वीं और 12वीं पास व्यक्ति भी खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करते पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऐसी सभी क्लीनिकों को सील कर दिया है और बिना पंजीकरण के इलाज कर रहे व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक चलाना अपराध
जांच के दौरान पाया गया कि इन फर्जी क्लीनिकों का स्वास्थ्य विभाग में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था। फिर भी ये तथाकथित डॉक्टर मरीजों को एलोपैथिक दवाइयां दे रहे थे, जिससे मरीजों के जीवन को गंभीर खतरा था। स्वास्थ्य विभाग ने इसे “जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़” बताते हुए कहा है कि अब ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कई फर्जी डॉक्टरों पर दर्ज हुई FIR
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिन फर्जी डॉक्टरों को बिना योग्यता इलाज करते पाया, उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। इनमें कई बी फार्मा और 10वीं-12वीं पास व्यक्ति शामिल हैं, जो अवैध रूप से “डॉक्टर” बनकर इलाज कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और जिले में सभी निजी क्लीनिकों की जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का सतर्कता अभियान जारी
CMHO कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान जनता को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने अपील की है कि लोग किसी भी संदिग्ध क्लीनिक या डॉक्टर की जानकारी तुरंत विभाग को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
ग्वालियर स्वास्थ्य विभाग की सख्त चेतावनी
“जो भी व्यक्ति बिना मान्यता प्राप्त डिग्री या रजिस्ट्रेशन के इलाज करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तुरंत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
— स्वास्थ्य विभाग अधिकारी, ग्वालियर