क्यूबा के राजदूत ने ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय का दौरा किया, शिक्षा और कृषि सहयोग की नई संभावनाएं उजागर
ग्वालियर: क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा और उनकी पत्नी ने हाल ही में ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय का दौरा किया। यह दौरा भारत और क्यूबा के बीच कृषि एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के महत्व को दर्शाता है। इस दौरे में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कृषि अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों पर खुलकर चर्चा की।
दौरे का उद्देश्य और मुख्य स्थल
राजदूत और उनकी पत्नी ने विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी सेंटर, हाइड्रोपोनिक यूनिट, आलू एरोपोनिक यूनिट और आईएफएस मॉडल तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मृदुला बिल्लोरे तथा निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. संजय शर्मा के साथ कृषि शिक्षा, शोध और तकनीकी उन्नति पर विस्तृत संवाद किया।
तकनीकी नवाचार और शोध की सराहना
राजदूत ने विश्वविद्यालय में हो रहे शोध कार्यों की प्रशंसा की, खासकर बायोटेक्नोलॉजी और हाइड्रोपोनिक्स के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों को। उन्होंने कहा कि क्यूबा में भी सरकारी प्रोत्साहन के बावजूद गांवों से शहरों की ओर पलायन की समस्या है। ऐसे में भारत की उन्नत कृषि तकनीकों और शोध से क्यूबा के किसानों को लाभ पहुंच सकता है।
द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाएं
डॉ. मार्सन ने फरवरी 2026 में क्यूबा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कृषि और उच्च शिक्षा संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया। दोनों पक्षों ने विद्यार्थी और फैकल्टी विनिमय कार्यक्रम, अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण तथा जैविक कृषि, नैनो फर्टिलाइजर, मिलेट्स और जलवायु परिवर्तन जैसे प्रभावशाली विषयों पर बातचीत की।
ग्वालियर में कृषि शिक्षा का भविष्य
यह दौरा ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय के लिए बड़ा अवसर है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी तकनीकी और शैक्षणिक संभावनाओं का विस्तार कर रहा है। इससे न केवल कृषि में नवीनतम तकनीकें आएंगी, बल्कि युवा विद्यार्थियों को भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा।