भारत में एक बहुत बड़ी समस्या बेरोजगारी है। देखा जाए तो बहुत से पढ़े-लिखे युवा नौकरी नहीं कर पा रहे हैं। इससे लोगों की ज़रूरतें पूरी नहीं हो पाती और देश की प्रगति पर गहरा असर पड़ता है। कई लोग निराश हो जाते हैं, भारत अब जनसंख्या में पहले पद पर आता है और यही एक बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण है।
बेरोजगारी के प्रमुख कारण:
बढ़ती जनसंख्या: भारत ने जनसंख्या के मामले में 2023 में ही चीन को पीछे छोड़ दिया था। अप्रैल 2026 तक देखा जाए तो भारत में 147 करोड़ जनसंख्या हो गई है।
अनुभव: प्राइवेट नौकरियों के लिए युवाओं पर पर्याप्त अनुभव नहीं होते इसी कारण वे पीछे रह जाते हैं।
सरकारी नौकरी: आज के समय में सरकारी नौकरी में बढ़ता मुक़ाबला नज़र आ रहा है जिसके कारण बहुत से युवा पीछे रह जाते हैं, दवाब बहुत है उसमें।
कृषि पर निर्भरता: ज्यादातर कर्मचारी करीब 45% अभी भी कृषि पर निर्भर हैं जबकि GDP में इसका योगदान केवल 15% है। कृषि तो मौसमी होती है और फसल की कटाई के बाद काम कम हो जाता है जिससे ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ती है।
औद्योगिक और मैनुफैक्चरिंग:
कम फैक्ट्री होने के कारण इच्छुक लोग वहाँ नौकरी नहीं कर पा रहे हैं। AI और मशीनों ने लोगों की नौकरी छीन ली है। कुछ बचे-कुचे काम जो लेबर करती थी अब मशीनों ने उनकी जगह ली हैं। अब तो बहुत से AI रोबोट भी बन गए हैं जो इंसानों के काम कर सकते हैं। अब अगर AI का इस्तेमाल रोका नहीं गया तो वह अब सरकारी विभागों की भी नौकरी खा लेगा। कभी-कभी काम कम हो जाते हैं, जैसे कि फैक्टरियाँ बंद होने लगती हैं, काम रुक जाते हैं, बहुत से लोग ख़रीदते नहीं हैं। इन सभी का एक बड़ा उदाहरण कोविड-19 महामारी है। लॉकडाउन में बहुत फैक्टरी बंद हो गईं थीं और कई लोगों के काम रुक गए थे। आज की पढ़ाई को देखते हुए गाँव के कई लोग अपने बच्चों को पढ़ने के लिए शहर में आ रहे हैं। वे लोग कृषि पर निर्भर लोग हैं जिनके पास ज़्यादा आवक नहीं होती लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए शहर में रहना पड़ता है, तो यह भी एक कारण है।
2025-2026 की स्थिति
सम्पूर्ण बेरोज़गारी दर: PLFS (periodic labour force survey) के अनुसार 2025 में करीब 3.1- 6.5% के बीच है।
युवा: क़रीब 9.9% पढ़े-लिखे में और भी ज़्यादा। ग्रामीण बेरोजगारी से ज़्यादा तो शहरी बेरोजगारी है- 6-7% CMIE (centre for monitoring Indian economy)
PLI स्कीम, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और सरकार स्किल इंडिया जैसी योजनाओं से सरकार जॉब क्रिएशन पर और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस कर रही है।