ग्वालियर | ग्वालियर शहर अब अंतरराज्यीय नशा तस्करों का सेफ पॉइंट बनता जा रहा है। जनकगंज पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में जयपुर की एक बड़ी नशा तस्कर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। गोल पहाड़िया क्षेत्र से पांच तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 35 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये है। यूपी का सप्लायर मौके से फरार हो गया है। यहां आरोपी युवाओं को नशा बेचकर अच्छा मुनाफा कमाते थे। वही पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है।
दअरसल शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे जनकगंज थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि गोल पहाड़िया क्षेत्र में नशे की बड़ी खेप की डिलीवरी होने वाली है। सूचना पर टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी।
पुलिस के मुताबिक जयपुर के शाहपुरा निवासी उमेश कानव और उसके साथियों ने यूपी के मैनपुरी निवासी नशा तस्कर यश भागोरिया से स्मैक का सौदा किया था। डिलीवरी के लिए दोनों गैंग ने ग्वालियर को ठिकाना चुना।जैसे ही यूपी का सप्लायर यश भागोरिया स्मैक की खेप थमाकर निकला पुलिस ने घेराबंदी कर दी। अंधेरे का फायदा उठाकर सप्लायर भागने में सफल रहा लेकिन जयपुर से कार से आए पांचों खरीदार पकड़े गए।
गिरफ्तार आरोपियों में सरगना उमेश कानव, उसका भाई प्रवीण, कृष्णा सोनी, शादाब और आर्यन वर्मा शामिल हैं। सभी आरोपी जयपुर के रहने वाले हैं। तलाशी में उनके पास से 35 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जिसकी 2 लाख रुपए कीमत बताई जा रही है।पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वह कम समय में ज्यादा मुनाफे के लिए इस काले कारोबार में उतरे थे। स्मैक की यह खेप जयपुर ले जाकर वहां के युवाओं को ऊंचे दामों पर बेचने वाले थे। पकड़ी गई गैंग का सरगना उमेश कानव है। यह लोग ग्वालियर को ट्रांजिट पॉइंट की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। यूपी से माल लेकर जयपुर ले जाते थे। ग्वालियर का लोकेशन तीन राज्यों की सीमा से जुड़ा होने के कारण तस्करों के लिए आसान ठिकाना बन गया है।
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर अब फरार सप्लायर यश भागोरिया की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ग्वालियर में इनका नेटवर्क और कहां तक फैला है।