नहीं रही आशा भोसले, 82 साल के संगीत के सफर में 100 से अधिक पुरस्कार जीते और 20 भाषाओं में 12 हजार गाने गाए। भारतीय संगीत जगत के लिए यह एक पीड़ादायक घड़ी है आशा भोसले एक बहुमुखी प्रतिभावान और दिग्गज संगीत गायिका थी। आशा भोसले 70 सालों से भी अधिक समय से हिंदी सिनेमा का एक अभिन्न हिस्सा रही हैं। शनिवार रात उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल सीने में इन्फेक्शन के चलते भर्ती करवाया गया। जहां उन्होंने ने रविवार को अंतिम सांस ली।
आशा भोसले ने 10 साल की उम्र से गाना शुरू कर दिया था। उनके नाम 12 हजार से अधिक गाने गाये जाने का ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ भी दर्ज है। उन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर कैबरे, पॉप, जैज और गजल तक, हर विधा में अपनी महारत दिखाई। अगर आशा भोसले की उपलब्धियों की बात करें तो उन्होंने 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स अपने नाम दर्ज किए हैं। इसके साथ ही 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर भी शामिल हैं। एक रिपोर्ट के माने तो उनके पास 100 से अधिक प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स मिले है। आशा को 18 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया। उनका आखिरी गाना 2026 में ही रिलीज हुआ है।
जब मोहम्मद रफ़ी से लगी रूपय 500 की शर्त
आशा भोसले ने एक गाने ‘आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा’ को लेकर रफी साहब से एक शर्त लगाई कि इस गाने को कौन ज्यादा बेहतर गाएगा। इस शर्त की विजेता थीं आशा भोसले। इस गाने को लेकर एक मजेदार किस्सा भी उन्होंने सुनाया था; वह इस गाने का रियाज करते हुए इतना मग्न हो गई की एक हिस्से ‘अ–अ–अ आजा’ का इतना अभ्यास कर बैठी कि उनके ड्राइवर को लगा कि उन्हें सांस लेने में कोई दिक्कत है।
जब भावुक हुई आशा ताई रोते हुए रिकॉर्ड किया ‘अब के बरस भेजे भैया’
एक फिल्म आई ‘बंदिनी’ इसी फिल्म का गाना ‘अब के बरस भेजे भैया’ जो कि एक औरत के दर्द को बयां करता है। इसी गाने के रिकॉर्डिंग करते हुए आशा ताई को अपने भाई की इतनी याद आई के यह रो पड़ी। उन्होंने ने रोते हुए ही इस गाने को केवल एक ही टेक में रिकॉर्डिंग करली। आशा भोसले के अन्य तीन बहनें भी थीं, जिनमें लता मंगेशकर, उनकी बड़ी बहन, छोटी बहन ऊषा और मीना भी शामिल हैं।