बालोतरा (राजस्थान): राजस्थान में बाड़मेर के नजदीक बालोतरा (पचपदरा) में स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की रिफाइनरी में 20 अप्रैल की दोपहर तकरीबन 2 बजे आग लग गई। इस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख सवाल सुरक्षा को लेकर उठ रहा है। इस हादसे के बाद राजस्थान को काफी बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा क्योंकि यह रिफाइनरी राजस्थान की इकोनॉमी में एक बाद हिस्सा प्रदान करती थी। साल 2013 से अब तक 13 साल हो गए है जिसमें इस रिफाइनरी की लागत 37 हजार 230 करोड़ से बढ़कर 79 हजार 459 करोड़ तक पहुंच गई है। 21 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री इस रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे और यह घटना भी उद्घाटन के महज 20 घंटे पहले उसी क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) की जगह पर हुई जिसका ट्रायल रन पूरा होना बताया जा रहा था।
रिफाइनरी की शुरुआत कैसे हुई
- बालोतरा के पचपदरा में रिफाइनरी की शुरुआत साल 2004 में बाड़मेर में एक खोज से शुरू हुई यह खोज थी मंगला ऑयल फील्ड की।
- 2009 में यह प्रोडक्शन का काम शुरू होता है, जिसके बाद राजस्थान में लोकल रिफाइनरी की गई।
- 2013 की 22 सितम्बर को तत्कालीन यूपीए सरकार में चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास किया।
- अशोक गहलोत की सरकार में रिफाइनरी प्रोजेक्ट के मॉडल में हिंदुस्तान पे कॉरपोरेशन लिमिटेड को 74 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली वही सरकार को 26 प्रतिशत का हिस्सेदार बना कर इसे ज्वाइंट वेंचर में रखा गया था।
- उस वक्त तक इस रिफाइनरी की अनुमानित लागत 37,230 करोड़ रुपए थी और साल 2017–2018 तक इसकी शुरुआत करने का लक्ष्य रखा गया था।
इस रिफाइनरी का शिलान्यास और घोषणा की समय सीमा चुनाव से कुछ वक्त पहले की ही थी जिसकी वजह से राजनीति शुरू हो गई। इस प्रोजेक्ट में कोई ठोस टेंडर पास होता या किसी भी प्रकार का कंस्ट्रक्शन उसके पहले ही राजस्थान में आचार संहिता लग गई। चुनाव के बाद सरकार बदल गई और इसी रिफाइनरी के पोर्जेक्ट्स का री–एसेसमेंट यानी पुनः मूल्यांकन होने लगा, इसको लागत के बढ़ोतरी और नए शर्तों में यह उलझता चला गया।
दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
रिफाइनरी की इमरजेंसी रिस्पांस दल ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए की. सीडीयू, वीडीयू और सेक्शन की अन्य यूनिट्स को तुरंत अलग (आइसोलेट) कर दिया था। इस आग को काबू पाने में तकरीबन 2:30 मिनट का समय लग गया और आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया।