दिल्ली में घर, असम में FIR फिर तेलंगाना क्यों चुना?- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को बड़ा झटका मिला है सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा की याचिका पर रोक लगा दी है याचिका पर लोग रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में घर है, असम में इस मामले की एफआईआर दर्ज हुई थी उसके बावजूद तेलंगाना क्यों चुना? इसके आगे कोर्ट ने कहा असम में FIR हुई, असम में ही जमानत मिलेगी।
जाने पूरा मामला
दरअसल पवन खेड़ा ने अप्रैल 2026 में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा की पत्नी रिकी भुइयां पर आरोप लगाया था कि उनके पास करीब तीन पासपोर्ट है इस मामले में असम पुलिस ने आईपीसी की धारा 499, 466 और 500 आदि के तहत FIR दर्ज की है। इस मामले में पवन खेड़ा पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है जिससे वह व्यक्ति परेशान है असम में ही नहीं बल्कि तेलंगाना में भी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रहे हैं वहां से भी उन्हें कोई उम्मीद नहीं मिल रही है।
मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा बोले
पवन खेड़ा की खारिज अर्जी को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा ने कहा कि पवन खेड़ा को कानून का सामने सरेंडर करना चाहिए और कानून से वह जितना भागेंगे, उतनी ही मुश्किल बढ़ेगी। तो इसके लिए उनको मैं यही बोलूंगा कि आइए गुवाहाटी में सरेंडर कर लीजिए।