प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पर निकले हैं जिसमें 16 मई 2026 को नीदरलैंड में मोदी का दूसरा दौर था जहां उन्होंने नीदरलैंड के पीएम रॉब जेटेन के साथ खास बातचीत की, यह भारत में सेमीकंडक्टर मशीन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। यह साझेदारी भारत में टाटा इलेक्ट्रॉनिक और नीदरलैंड की एएसएमएल कंपनी के बीच हुई। दोनों नेताओं की यह साझेदारी नीदरलैंड के हेग में हुई।
भारत की इस बड़ी और अहम डील पर एमओयू यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर हो चुके हैं अब इस डील से गुजरात की धोलेरा वाली फैक्ट्री में सेमीकंडक्टर मशीन को सपोर्ट मिलेगा और भारत की चिप आयात पर निर्भरता कम होगी। इस समझौते से नीदरलैंड को भारत में लगभग 11 अरब डॉलर यानी 91000 करोड रुपए निवेश करेने होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर शेयर कर लिखा “प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ मेरी बातचीत विस्तृत रही और इसमें कई विषयों पर चर्चा हुई। इनमें से एक विषय रक्षा और सुरक्षा था। यह लेख रक्षा उद्योग के लिए जल्द से जल्द चरणबद्ध योजना तैयार करने की संभावना पर चर्चा करता है। हम एयरोस्पेस, समुद्री प्रणालियों और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग कर सकते हैं।”
Mijn gesprekken met premier Rob Jetten waren uitgebreid en bestreken een breed scala aan onderwerpen. Een daarvan was defensie en veiligheid. Ik sprak over de mogelijkheid om zo snel mogelijk een stappenplan voor de defensie-industrie op te stellen. We kunnen ook samenwerken in… pic.twitter.com/hwgrBZzCsC
— Narendra Modi (@narendramodi) May 16, 2026
मोदी ने आगे कहा “अर्थशास्त्र का उद्देश्य नीदरलैंड में भारत के स्वामित्व वाली एक परियोजना है। डे व्रिजहंडेल्सोवेरेनकोमस्ट तुसेन इंडिया एन डे ईयू बिएडट वनइंडिज मोगेलिजखेडेन। वह फिनटेक, क्रिटिके मिनरलेन, हाफगेलेइडर्स, ग्रोइन वॉटरस्टॉफ़ और एआई द्वारा संचालित समनवर्किंग ऑपरेशन के लिए बहुत बड़ा है। हमने वर्तमान में संस्कृति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के बारे में बात करना शुरू कर दिया है।”
Economische samenwerking is een belangrijke pijler van de vriendschap tussen India en Nederland. De vrijhandelsovereenkomst tussen India en de EU biedt oneindige mogelijkheden. Er is enorm veel ruimte voor samenwerking op het gebied van fintech, kritieke mineralen, halfgeleiders,… pic.twitter.com/IQxBFrdClL
— Narendra Modi (@narendramodi) May 16, 2026