भारतीय शटलर आयुष शेट्टी को फाइनल्स मैच में चीन के शी यू की के खिलाफ हार कर सिर्फ सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। 1965 में मेंस सिंगल में दिनेश खन्ना ने भारत को गोल्ड जिताया था, जिसके 60 साल बाद किसी भारतीय ने मेंस सिंगल कैटेगरी चैंपियनशिप में फाइनल में जगह बनाई थी। बीती रविवार को चीन के झेजियांग में फाइनल मुकाबले में दुनिया के नंबर –2 खिलाड़ी शी यू की से हुए मुकाबले में 20 साल के आयुष यह मैच 8-21, 10–21 से सीधे शिकस्त खा गए।
पहले भारतीय बने आयुष जिन्होंने सिल्वर जीता
भले ही आयुष को हार का सामना करना पड़ा हो बावजूद इसके वह पहले भारतीय बन गए जिन्होंने अपने करियर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह पहले ऐसे भारतीय मेंस शटलर बन गए हैं जो एशियन चैम्पियनशिप में सिल्वर जीते हैं। इस टूर्नामेंट के अंदर भारत को 19वा मेडल प्राप्त हुआ, बैडमिंटन एशियन चैम्पियनशिप साल 1962 से खेली जा रही है। अब तक भारत ने 2 गोल्ड, 1 सिल्वर (जो हाल ही में आयुष ने हासिल किया है) और 16 ब्रॉन्ज मेडल्स जीते हैं। 1965 में दिनेश खन्ना ने सिंगल्स जीता था और 2023 में सात्विक और चिराग की जोड़ी ने मेंस डबल में गोल्ड जीता था।
इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान आयुष ने काफी शानदार प्रदर्शन किया। आयुष ने वर्ल्ड के नंबर–1, वर्ल्ड के नंबर–4 और वर्ल्ड के नंबर–7 जैसे टॉप रैंक के खिलाड़ियों को शिकस्त दी थी। शनिवार को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व के 25वे प्रसिद्ध आयुष ने डिफेंडिंग चैंपियन और नंबर–1 प्लेयर कुन्लावत वितिदसर्न को हराकर फाइनल में अपनी जगह सुनाशित की थी।