ग्वालियर। ग्वालियर में प्रथम वर्ष के अंग्रेजी पेपर के दौरान परीक्षा केंद्र पर असली परीक्षार्थी की जगह उसका सगा चाचा बैठकर पेपर दे रहा था। शक हुआ तो पूछताछ की। चाचा ने कबूल कर लिया कि भतीजा पढ़ाई में कमजोर है अंग्रेजी नहीं आती इसलिए पास कराने के लिए वह उसकी जगह परीक्षा देने आया था। पुलिस ने चाचा-भतीजा दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। फर्जीवाड़ा शासकीय स्कूल थाटीपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया।
जानें पूरा मामल
दअरसल घटना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थाटीपुर, काल्पी ब्रिज स्थित परीक्षा केंद्र की है। जंहा डीएलएड प्रथम वर्ष का अंग्रेजी विषय का पेपर था। परीक्षा कक्ष क्रमांक-1 में रोल नंबर पर मुरैना जिले के चौकी गांव निवासी मोनू धाकड़ को परीक्षा देनी थी। पेपर शुरू होने के बाद वीक्षक मीना धाकड़ प्रवेश पत्र और आधार कार्ड का मिलान कर रही थीं। इसी दौरान मोनू की सीट पर बैठे युवक की शक्ल प्रवेश पत्र में लगी फोटो से मेल नहीं खाई। शक होने पर वीक्षक ने उससे पूछताछ की। युवक घबरा गया और सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसका नाम संतोष धाकड़ है। वह मोनू का चाचा है। उसका भतीजा पढ़ाई में कमजोर है। उसे अंग्रेजी विषय नहीं आती इसलिए वह उसे पास कराने के लिए उसकी जगह परीक्षा देने आया था।
पुलिस का एक्शन
केंद्राध्यक्ष विजय कुमार पीपरोलिया ने तुरंत गोला का मंदिर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और चाचा संतोष के साथ असली परीक्षार्थी भतीजे मोनू को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी चाचा-भतीजा हैं और पूछताछ में उन्होंने फर्जीवाड़े की बात स्वीकार कर ली है। दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि परीक्षा हॉल तक नकली परीक्षार्थी कैसे पहुंचा और कहीं कोई और भी इस फर्जीवाड़े में शामिल तो नहीं था। डीएलएड जैसी शिक्षक बनने की परीक्षा में ही फर्जीवाड़ा पकड़े जाने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। केंद्राध्यक्ष की सतर्कता से मुन्नाभाई पकड़ा गया लेकिन सवाल यह है कि प्रवेश के समय पहचान की जांच कैसे चूक गई। बोर्ड और प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस आगे की जांच में जुटी है।
