धार की भोजशाला मामले में इंदौर की हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है जस्टिस विजय शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने आज यानी 15 मई 2026 को दोपहर 2:30 बजे गौशाला- कमाल मौला मस्जिद विवाद पर हिंदुओं की जीत हुई है हिंदू लोग भोजशाला को मां सरस्वती का रूप मानते हैं जिसमें मां सरस्वती के साथ हिंदुत्व की जीत हुई है।
यह मामला 7 अप्रैल 2003 को उठाया गया जिसमें हिंदू पूजा के साथ-साथ नमाज भी पढ़ी जा रही थी इस मामले को मध्य प्रदेश की इंदौर की हाई कोर्ट बेंच ने मुसलमानों के नमाज के अधिकारों को भोजशाला में रद्द कर दिया है हाई कोर्ट ने 242 पेज का आदेश दिया है जो पूरी सभा में पढ़ा गया।
कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा ?
कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा “सत्य सनातन धर्म की जय। हृदय आज गर्व, गौरव और आत्मिक आनंद से परिपूर्ण है। माननीय उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने विस्तृत सुनवाई एवं प्रस्तुत साक्ष्यों के गहन परीक्षण के उपरांत धार स्थित भोजशाला को मंदिर स्वरूप स्वीकार किया है।”
आगे कैलाश ने कहा “यह क्षण हम सभी के लिए इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित होने वाला अमूल्य, अविस्मरणीय और आस्था के तेज से आलोकित अवसर है। यह निर्णय हमारी सांस्कृतिक चेतना, सनातन परंपरा और सभ्यता के स्वाभिमान का सम्मान है। यह सत्य, श्रद्धा और इतिहास की पुनर्प्रतिष्ठा का महत्वपूर्ण पल है।आप सभी को बहुत बहुत बधाई, जय माँ वाग्देवी।”
सत्य सनातन धर्म की जय !!!
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) May 15, 2026
हृदय आज गर्व, गौरव और आत्मिक आनंद से परिपूर्ण है। माननीय उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने विस्तृत सुनवाई एवं प्रस्तुत साक्ष्यों के गहन परीक्षण के उपरांत धार स्थित भोजशाला को मंदिर स्वरूप स्वीकार किया है।
यह क्षण हम सभी के लिए इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों… pic.twitter.com/CNCjLtCJvs