28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था जिसमे ईरान के राष्ट्रपति खमेनेई को निशाना बनाया गया था और 28 फरवरी 2026 को ईरान के राष्ट्रपति की अमेरिका और इजरायल ने मिलकर जान ले ली थी उसके बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध जारी रहा, जिसके बाद कई देशों जैसे अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, यूके, जर्मनी आदि को इस युद्ध का रोजमर्रा की जिंदगी में सामना करना पड़ा। कई देशों में एलपीजी की किल्लत देखी गई।
क्यों हुई एलपीजी की किल्लत, जानें यहां
‘स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज’ एक ऐसा समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया का लगभग 20 से 25% कच्चा तेल कई देशों में भेजा जाता है। ‘स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज’ का यह महत्वपूर्ण एरिया ईरान और ओमान के अंदर आता है लेकिन ईरान इस मार्ग पर अपना दबदबा बनाए रखता है। और मिडल ईस्ट युद्ध के कारण ईरान ने कई देशों में तेल की सप्लाई बंद कर दी थी जिससे तेल के दाम बढ़ गए।
युद्ध से बड़े एलपीजी के दाम
मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण एलपीजी के दाम बढ़ाना शुरू हो गए, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पढ़ना चालू हो गया। सरकार ने एलजी की किल्लत की वजह से 15 दिन में मिलने वाला गैस सिलेंडर 21 दिन में मिलना चालू हुआ, उसके बाद 25 दिन तक कर दिया गया, जिससे एलपीजी सिलेंडर 15 दिन की जगह 25 दिन में लोगों को मिलना चालू हुआ, जिससे एलपीजी के दाम बढ़ने से कालाबाजारी शुरू हो गई जो कि कानूनन अपराध है।
कैसे करें एलपीजी की कालाबाजारी की शिकायत, जानें यहां
अगर आपको एलपीजी सिलेंडर से किसी भी तरह की दिक्कत हो या फिर कालाबाजारी को लेकर शिकायत करनी है तो एलपीजी की आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1800- 233- 3555 पर जाकर संपर्क कर सकते हैं। या फिर पेट्रोलियम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट mypgp.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। जिससे सरकार तक आपकी समस्या पहुंचेगी और उसका जल्द से जल्द समाधान होगा।