नए दिल्ली: हाल ही में भारत और अमेरिकी सरकार के बीच होने वाले ट्रेड सौदे में विलम्ब हो गया है, इसका एक कारण तो कानूनी मसौदा तैयार न होना है, हालांकि इस ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सकारात्मक बातचीत जारी है। भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापारिक सौदे का मसौदा फिलहाल तैयार नहीं हो सका है। बीती 20 अप्रैल को भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों का दल इस समझौते से जुड़े मसौदे को एक अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के दौरे पर गया था। 7 फरवरी को इस अंतरिम व्यापार समझौते के लिए दोनों देशों ने राजी होने के लिए मंजूरी दे दी थी। इस ऐलान के साथ यह तय हुआ था कि इस समझौते पर हस्ताक्षर के लिए दोनों देशों को मिलकर वैधानिक मसौदा तैयार करना है और फिर उन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
भारत और अमेरिका की बीच चर्चा अभी भी जारी है
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा या सुनिश्चित किया गया कि दोनों ही देशों के तरफ से एक दूसरे के बाजारों की पहुंच, डिजिटल व्यापार, व्यापार के बीच में आने वाली किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा, कस्टम और व्यापार को सहज करने और दोनों हे देशों के आर्थिक सुरक्षा अथवा निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। अमेरिका में दोनों हे देशों के प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई और यह आगे भी जारी रहेगी। वहीं दूसरी और दोनों देशों के बीच इस मसौदे को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
क्या भारत में कोई देश नहीं बेच सकता डेयरी प्रोडक्ट?
सूत्रों की माने तो भारत अपने डेयरी उद्योग के अंदर किसी भी देश और खासकर अमेरिका को किसी भी प्रकार के डेयरी उत्पाद की इजाजत नहीं देना चाहता। भारत के द्वार इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने डेयरी सेक्टर को अन्य देशों के लिए नहीं खोलना चाहता और इसी कड़ी में ब्रिटेन के साथ होने वाले व्यापारिक समझौते में भी कृषि अथवा डेयरी को समझौते से दूर रखा गया।