बागेश्वर धाम जो मध्य प्रदेश के छतरपुर का प्रमुख धामो में से एक है वहां केंद्र सरकार में विदेशी दान स्वीकार करने को मंजूरी दे दी है यह मंसूरी मंगलवार को FCRA यानी फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत मिली है। यह फंड बागेश्वर धाम में धार्मिक और सामाजिक कार्यों के जरूरी इस्तेमाल में उपयोग होगा।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत विदेश से फंड मिलने की मंजूरी मिल गई है अब बागेश्वर धाम में विदेश जैसे अमेरिका, यूके, कनाडा, आदि जैसे देशों से दान इकट्ठा होगा। और यह दान लाखों श्रद्धालु के लिए ही एकत्र किया जाएगा, जिससे बागेश्वर धाम में चल रही जरूरतमंद लोगों की सेवाएं जैसे अन्नपूर्णा रसोई, कैंसर अस्पताल आदि मैं यह पैसा लगाया जाएगा। केंद्र सरकार दी गई मंजूरी भक्तों के अंदर काफी उत्साह बढ़ा रही है।
FCRA होता क्या है?
FCRA यानी फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट, यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत विदेश से फंड इकट्ठा होता है और यह फंड सरकार की नजरों में रहता है विदेशी से आया हुआ फंड का एक -एक पैसा सरकार की जानकारी में रहता है।
जानें बागेश्वर धाम के बारे में
बागेश्वर धाम मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित है इस धाम को धीरेंद्र शास्त्री द्वारा चलाया जा रहा है जो कि बड़े विद्वान है। 29 साल की उम्र में ही कथा वाचने लगे और अपने धाम के जरिए लाखों श्रद्धालुओं को देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी परचम लहराया। बागेश्वर धाम भगवान हनुमान का मंदिर है जहां लाखों श्रद्धालु बड़े मन से दर्शन और अपनी मनोकामना लेकर जाते हैं और ऐसा कहा जाता है कि वहां पर लाखों श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती है और साथ ही बुरी शक्तियों का विनाश होता है।