क्या ग्वालियर बन रहा बंगलादेशियो का ठिकाना.?
दरअसल बीते दिनों 9 बंगलादेशियो को धर दबोचा गया . तो वहीं 8 संदिग्ध बंगलादेशी फरार हो गया..जिसमे आपको बता दे की अभी भी 200 संदिध बांग्लादेशी लापता हैं अब ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने धारा 163 लगाकर बाहरी लोगों की धरपकड़ के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया..किराएदार, बाहरी कर्मचारी का 15 दिन थानों में कराना होगा वेरिफिकेशन रजिस्ट्रेशन करवाना ही होगा
बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की अब खैर नहीं
ग्वालियर शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की शंका को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान ने BNS की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत मकान मालिकों और संस्थानों को अपने किराएदारों व कर्मचारियों की जानकारी संबंधित थाने में 15 दिन के भीतर दस्तावेजों के साथ जमा करनी होगी। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रोहिंग्याओं के निवास के संबंध में दिशा-निर्देश
गृह मंत्रालय/विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी, रोहिंग्याओं के निवास के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। लोग भी मानते हैं कि हाल ही में ग्वालियर शहर में 9 बांग्लादेशी नागरिक में मिले थे, जिन्हें डिपोर्ट किया गया है। ऐसे में आशंका है कि कई संदिग्ध व्यक्तियों ने अपना नाम बदल लिया है और वह किराए के मकानों में रह रहे हैं या विभिन्न संस्थानों में कार्य कर रहे हैं। इन व्यक्तियों की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता की प्रबल संभावना है जिससे आंतरिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। लिहाज़ा इनकी सर्चिंग जरूरी है।
जानकारी नहीं दी तो होगी सख्त कारवाई
कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश जारी होने की दिनांक से दो माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसका उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223 एवं अन्य दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत दंडनीय होगा। मतलब जो लोग अपने किराएदार या बाहरी कर्मचारियों की जानकारी थाने में नहीं देंगे उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी वहीं पकड़े जाने वाले बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज होने के साथ उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।