तेल का संकट दुनिया के लिए होगा चीन के लिए नहीं: 20 साल पहले तैयार एनर्जी के भंडार, आधुनिक तरीके से बिजली का आविष्कार

तेल का संकट दुनिया के लिए होगा चीन के लिए नहीं: 20 साल पहले तैयार एनर्जी के भंडार, आधुनिक तरीके से बिजली का आविष्कार

पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के चलते कई देश संकट से झुंझ रहें हैं, लेकिन बात जब चीन की आती है तो यह संकट और देशों के मुकाबले चीन पर बेअसर साबित हो रहा है, इसकी एक मजबूत वजह ये है कि चाइना अपने आपको इस संकट से झुंझने के लिए बीते कई वर्षों से तैयार कर रहा है। जब बात आती हे तेल खरीदने की तो चीन दुनिया का सबसे बड़ा आयातकर्ता है, यक़ीनन चाइना को तेल की आयात रुकने से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, कारण साफ है चाइना ने पहले से ही बड़ी मात्रा में तेल की खरीद कर जमाखोरी कर ली हैं। इसके अलावा वो बिजली से चलने वाले यानी EV (इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल) में खुद को तब्दील कर चुका है और कोयले से भी कई जरूरी चीज़ें बना रहा है।

चीन ने धीमी गति से खुद को ऐसे कल के लिए तैयार कर लिया है जो सीमित वैश्विक सप्लाई शॉक का सामना कर सकें। चीन की सरकार ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने निवेश को बढ़ावा दिया है और इसके साथ ही अपनी इंडस्ट्रियल क्षमता को राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा बनाया है।

चाइना ने कैसे अलग-अलग क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करी

  • चीन ने फैक्ट्रियों और प्रोडक्शन को भी मजबूत बनाया: चीन की सरकार की नीति के अनुसार मजबूत इंडस्ट्री ही देश की असली ताकत है। इसी नीति के तहत चाइना ने अपनी फैक्ट्रियों और उत्पादन क्षमता को इतना मजबूत बना लिया है जिसकी बदौलत उसे दूसरे देशों पर निर्भरता कम हे।
  • कोयले की मदद से जरूरी कैमिकल बनना सीखा: 1990 यह वो दशक था जब चीन कई फैक्ट्रियां स्थापित कर रहा था, और इन सबके लिए उसे कैमिकल की जरूरत पड़ती थी जिसके लिए उसे विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता था। यह वही कैमिकल होते हैं जिनसे प्लास्टिक, रबर, धातु के हिस्से और अन्य चीजों का उत्पादन होता था।

चीन की आत्मनिर्भरता ऊर्जा रणनीति

  • चाइना ने समुद्री चेकपॉइंटस पर निर्भरता घटाने के लिए रूस और मध्य एशिया से जमीनी पाइपलाइन नेटवर्क मजबूत किया।
  • आपात स्थितियों से निपटने के लिए तेल का विशाल भंडार जमा कर लिया है। चीन के पास 1.3 बिलियन डॉलर बैरल का तेल भंडार है, जो तकरीबन 90–100 दिन की ज़रूरतों को पूरा कर सकता है।
  • ईरान जंग के बीच प्रतिबंधों के बावजूद ईरान और रूस से रियायती दरों पर भारी मात्रा में तेल खरीदा।
  • चीन केवल मध्य-पूर्व पर निर्भर नहीं है। उसका सबसे बड़ा निर्यातकर्ता रूस है और ब्राजील भी चीन को तेल बेचता है।