4 अगस्त को मुंबई में होगी टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन इन्वेस्टर्स मीट, पहले दौर में मिले ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव; करीब 14 हजार रोजगार की संभावना
ग्वालियर/भोपाल, 3 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में विकसित किए जा रहे देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) में निवेश आकर्षित करने की मुहिम अब मुंबई पहुंचेगी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 4 अगस्त 2026 को मुंबई में TMZ इन्वेस्टर्स मीट एवं रोडशो आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन के जरिए टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों को ग्वालियर में निवेश के लिए आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा। परियोजना में कुल संभावित निवेश को ₹10 हजार करोड़ से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुंबई में उद्योग जगत से सीधा संवाद
मुंबई में होने वाली इन्वेस्टर्स मीट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल तथा मध्य प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव भी मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में देश की प्रमुख टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ कंपोनेंट निर्माता, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां, निवेशक और दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों के शामिल होने की संभावना है।
सरकार का उद्देश्य उद्योग जगत के साथ साझेदारी मजबूत करने के साथ ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए नए निवेश प्रस्ताव हासिल करना है।
ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन
ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन की शुरुआत की दिशा में 30 जुलाई को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया था। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच इस परियोजना को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ।
इस परियोजना के माध्यम से टेलीकॉम उपकरणों और संबंधित उत्पादों के निर्माण के लिए एक समर्पित औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। सरकार इसे घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और भारत को वैश्विक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है।
मुंबई में होने वाला रोडशो इसी निवेश अभियान का अगला चरण होगा।
पहले ही मिल चुके ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
ग्वालियर TMZ को लेकर इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित प्रथम इन्वेस्टर्स राउंडटेबल में उद्योग जगत की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया सामने आई थी।
सरकार के अनुसार, इस बैठक में करीब ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावित निवेशों के धरातल पर उतरने से लगभग 14 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना जताई गई है।
अब मुंबई इन्वेस्टर्स मीट के जरिए निवेश का दायरा और बढ़ाने की तैयारी है। लक्ष्य ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन में संभावित निवेश को ₹10,000 करोड़ से अधिक तक पहुंचाने का है।
HFCL, Dixon और VVDN जैसी कंपनियों ने दिखाई रुचि
नई दिल्ली में आयोजित पहले इन्वेस्टर्स राउंडटेबल के दौरान HFCL, Dixon और VVDN सहित कई प्रमुख उद्योग समूहों ने परियोजना में निवेश को लेकर रुचि और प्रतिबद्धता जताई थी।
इन कंपनियों की भागीदारी को ग्वालियर में विकसित होने वाले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुंबई में होने वाली बैठक में सरकार और उद्योग जगत के बीच नए निवेश प्रस्तावों और संभावनाओं पर चर्चा आगे बढ़ने की उम्मीद है।
ग्वालियर में रोजगार और औद्योगिक विकास को मिल सकती है रफ्तार
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर और आसपास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बड़े निवेश के साथ यहां प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, कंपोनेंट निर्माण और अन्य सहायक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं।
परियोजना का उद्देश्य केवल बड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना नहीं, बल्कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े एक व्यापक औद्योगिक नेटवर्क को विकसित करना भी है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ और घरेलू टेलीकॉम उत्पादन पर फोकस
भारत में टेलीकॉम उपकरणों की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना इस परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। सरकार की योजना ग्वालियर में ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करने की है, जहां मैन्युफैक्चरिंग, कंपोनेंट सप्लाई, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़ी कंपनियां एक ही इकोसिस्टम का हिस्सा बन सकें।
मुंबई की इन्वेस्टर्स मीट में मिलने वाली प्रतिक्रिया अब इस परियोजना की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि प्रस्तावित निवेश लक्ष्य हासिल होता है तो ग्वालियर देश के प्रमुख टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी केंद्रों में अपनी जगह बना सकता है।

