रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 काफी चर्च मे रही। जो कि अभिराज मीनावाला द्वारा निर्देशित की गई हैं। यह मूवी बहुत से महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान खींचने का काम करती है। जैसे महिलाओं और बच्चियों की तस्करी, बच्चों का शोषण और भिखारी माफिया के गंदे नेटवर्कों का पर्दाफाश करना ।
इस मूवी की शुरुआत बुलंदशहर से होती है , जहां वीवीआईपी और उसके केयरटेकर की दो छोटी लड़कियों का अपराध हो जाता है, रूहानी और झिमली। लेकिन यह अपहरण का सिलसिला बस यहां तक ही नहीं रहता , बल्कि यह आंकड़ा धीरे – धीरे 93 तक पहुंच जाता है , जो आगे जाके बड़े गुमशुदा बच्चों के बड़े संगठित नेटवर्क में बदल जाता है, जो संगठित अम्मा (मल्लिका प्रसाद) ख़तरनाक महिला माफिया क्वीन के द्वारा चलाया जा रहा है। फिल्म में दिखाया जाता है कि कैसे यह संगठित एक दूसरे से जुड़े होते है, कैसे एक दूसरे की मदत करते है इस भीषण अपराध को अंजाम देने में।
इस मूवी में रानी मुखर्जी ने शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाया है, इस मूवी में रानी मुखर्जी ने अवैध रूप से चल रहे संगठनों का पता किया, फिर सारे संगठनों को एक- एक कर के नष्ट करती गई, जिसके लिए उन्हें बहुत सी मुश्किलों का सामान करना पड़ता है, जिसके बावजूद भी वह हार नहीं मानती और पूरे साहस से लड़ती है, और जो लड़कियां अम्मा की कैद में थी उन्हें रिहा करवाती है। रानी मुखर्जी की वीरता इस मूवी में साफ झलकती है।
यह मूवी समाज का काला चेहरा दिखना का काम करती है। इस मूवी के जरिए हमें पता चलता है कि, कैसे आज भी महिलाओं और बच्चियों की तस्करी खुले आम चल रही है, कैसे बच्चों का अपहरण किया जा रहा, उनका साथ शोषण किया जा रहा और अपने फायदे के अनुसार बच्चों का कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सारे मुद्दे आज भी मान्य है और महत्वपूर्ण भी है। जल्द से जल्द इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, जो हमारे आस- पास चल रहे है ताकि घिनौना काम रुक सके।