दुनिया भर में हंतावायरस का प्रकोप फैल रहा है जिसके चलते वैज्ञानिक इस वायरस का हल निकालने में छूटे हुए हैं लेकिन अभी तक इस वायरस की जानकारी सही तरीके से वैज्ञानिकों को नहीं मिली है। जिससे वह इस वायरस का एंटी-डोज़ निकाल सके। फिलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन इस वायरस की गहराई से जांच में जुटा हुआ हैं जिससे हल निकाला जा सके।
हंतावायरस एक ऐसा वायरस है जो अप्रैल 2026 में MV Hondius क्रूज जहाज से फैला, इस वायरस से लगभग 11 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे जिसमें से तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई थी। यह वाइरस कई देशों में फैल रहा जैसे नीदरलैंड, साउथ अफ्रीका, फ्रांस, स्पेन, स्वीट्जरलैंड, USA आदि। इस वायरस के एंटी डोज के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO गंभीर रूप से जुटा हुआ है पर अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन कुछ नहीं कर पा रहा है। और लोगों में यह बीमारी फैल रही है।
Researchers know very little about how long the Andes version of the hantavirus can remain in human hostshttps://t.co/AJJcWWF6QI
— Scientific American (@sciam) May 15, 2026
मारिया वान केरखोवे का क्या कहना है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन की इमर्जिंग डिजीज एंड जोनोसिस यूनिट की प्रमुख डॉक्टर मारिया वान केरखोवे ने कहा कि हंतावायरस पर स्टडी चल रही है जिसको समझने के लिए गहराई में अध्ययन करना पड़ेगा। जिसको यह डिजीज हुई है उसको 42 दिन का क्वॉरेंटाइन में रखा जाएगा, क्वॉरेंटाइन लोगों के सैंपल से इसकी गहराई में जांच की जाएगी।