आज के समय में इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव से, फ़िल्म सुपरस्टार्स, खिलाड़ी और सोशल मीडिया इन्फ्लूंसर युवाओं के जीवन में एक अहम भूमिका निभा रहे है। युवा इन सितारों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिन भर देखते है, और इन से बहुत ज्यादा प्रभावित होते, युवा उनके पहनावे, रहन–सहन और उनकी चमकती- धमकती लाइफस्टाइल को बहुत जल्दी अपनाने लगते है। सोशल मीडिया ने सेलेब्रिटी कल्चर को और भी ज्यादा बढ़ावा दिया है।
सेलेब्रिटी कल्चर से लोगों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ता है, युवा अपने जीवन की तुलना सेलीब्रिटी के जीवन से करते है, जिससे उनके अंदर आत्मविश्वास की कमी आ जाती है। युवा बिना कुछ सोचे समझे अपने मन पसंदीदा सेलिब्रिटी की बातों में आ जाते है, और ब्रांडेड चीजें और महंगे कपड़े बस शो–ऑफ के लिए ले लेते है, और सेलिब्रिटीज की कॉपी करने की कोशिश करते हैं, युवा इन बात से आंजन है कि किसी को भी कॉपी करना या फिर उनसे अधिक प्रभावित होना उनके लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है।
कई सारी ऐसी फिल्में ओर सोशल मीडिया कंटेंट है जो कि युवाओं को गलत संदेश देता है, जिससे युवाओं के सोचने ओर समझने में भी प्रभाव पड़ा सकता है लेकिन इसके साथ ही इसके कुछ सकारात्मक प्रभाव भी है, जैसे इन सेलिब्रिटीज के संघर्ष से प्रेरणा लेना, और उनके डिसीप्लेन को फॉलो करना। जिससे युवाओं मैं जोश और आत्मविश्वास आता है कि वह भी जीवन में उनकी तरह सफ़ल हो सकते है बस उनकी तरह थोड़ा संघर्ष ओर डिसीप्लेन अपने जीवन में उतरना होगा। सोशल मीडिया ने इसका प्रभाव युवाओं पर बढ़ा दिया है, युवा अब अपने मनपसंदीदा
सेलिब्रिटी को इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर फॉलो करते है, और उनकी गतिविधियों पर रोज ध्यान देते है। सेलिब्रिटीज और इन्फ्लूएंसर्स के चमक-दमक से लोगों प्रभावित तो हो जाते है, पर युवा ये भूल जाते है कि हमेशा जो चमक- दमक वह देखते है वह सब सच नहीं होती, यह एक जरिया होता है, लोगों को आकर्षित करने का।
युवाओं को ये समझना होगा कि किसी भी सेलिब्रिटी और इन्फ्लूएंसर्स पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए, और उनकी चमक – दमक से खुद में आत्मविश्वास की कमी नहीं लानी चाहिए।