द अफ्रीका से भारत लाये चीतो को अभी 3 वर्ष पूर्ण होने वाले है जिनमे से 10-12 चीते (शावक व व्यस्क) की मौत विभिन्न कारण से हो चुकी है। और आने वाली महाशिवरात्रि 15 फरवरी को बोत्सवाना से कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 2 मादा व 6 शावक चीतों को लाया जाएगा वर्तमान में कूनो में 27 चीते मौजूद है। बोतसवाना से चीतो को विशेष विमान द्वारा ग्वालियर एयरपोर्ट लाया जाएगा फिर वायुसेना होलीकाप्टर द्वारा कूनो पार्क पहुंचाया जाएगा ।
अब देखना यह होगा की पूर्व में विभिन्न कारणो से जिन चीतों की मौत हुई थी उन पर वन विभाग ने कितना सुधार किया है। क्या नए महमानों के लिए वातावरण अनुकूल है?