आज डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद के दो वर्ष पूरे किए। 13 दिसंबर 2023 को पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शपथ लेने के बाद से ही उनकी सरकार ने विकास को नई दिशा देने का लक्ष्य तय किया। दो वर्षों में प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाओं की गति और कल्याणकारी नीतियों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली।
किसानों और कृषि के लिए महत्वपूर्ण कदम
किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार का विशेष ध्यान रहा। फसलों का भावान्तर, कोदो-कुटकी के समर्थन मूल्य, श्रीअन्न प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी और पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि जैसी पहलें किसानों की आय बढ़ाने में अहम साबित हुईं। हर किसान के खेत में सोलर प्लांट लगाने की योजना ने उन्हें ऊर्जादाता बनाने की दिशा में बड़ा कदम रखा।
महिलाओं को नई शक्ति
महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता में रहा। लाड़ली बहना योजना में राशि बढ़ाकर ₹1500 प्रतिमाह कर देना महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने वाला बड़ा कदम रहा। भर्ती प्रक्रियाओं में 35% आरक्षण ने रोजगार के क्षेत्र में उनके अवसरों को नए स्तर पर पहुंचाया।
युवा और शिक्षा सुधार
प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार देखने को मिले। सीएम राइज स्कूलों को सांदीपनि विद्यालयों के रूप में विकसित किया गया। स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन के माध्यम से युवाओं के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिली। विश्वविद्यालयों में कुलपति के पदनाम को कुलगुरु का सम्मानजनक दर्जा भी दिया गया।
कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार
प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 22,000 नए पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई। सड़क दुर्घटनाओं में सहायता करने वालों के लिए राहगीर योजना शुरू की गई, जिसमें मददगार को ₹25,000 और प्रमाण पत्र दिया जाता है। धार्मिक स्थलों पर ध्वनि मानकों को अनिवार्य करके बेहतर सामाजिक माहौल बनाने की कोशिश की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में 46,491 नए पदों का सृजन किया गया। 50 जिला अस्पतालों में जन औषधि केंद्र शुरू किए गए। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी की स्थापना की गई। PMश्री एयर एम्बुलेंस सेवा ने आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को और सुलभ बनाया।
जनकल्याण मिशन
गरीब कल्याण मिशन ने गरीबी मुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में मजबूत आधार दिया। कृषक कल्याण मिशन ने किसानों को व्यापक सहायता प्रदान की। देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन ने महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी।
मेगा प्रोजेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
प्रदेश में कई बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू हुए। केन-बेतवा लिंक परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना, मुरैना में सोलर प्लस स्टोरेज प्रोजेक्ट और पांच नए एयरपोर्ट संचालन। इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट और भोपाल-इंदौर को मेट्रोपोलिटन दर्जा दिए जाने से नगरीय विकास को नई ऊंचाई मिली।
धार्मिक और सांस्कृतिक उन्नयन
ओरछा सहित कई धार्मिक स्थलों पर भव्य लोक निर्माण कार्य शुरू किए गए। श्रीराम राजा लोक, श्रीकृष्ण पाथेय और विक्रमोत्सव-2025 जैसी पहलें सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन का बड़ा उदाहरण बनीं। विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण भी इसी अवधि में हुआ।
प्रशासनिक नवाचार
राजस्व मामलों के ऑनलाइन निपटारे के लिए साइबर तहसील, ई-स्टाम्पिंग के लिए संपदा 2.0, सभी खदानों का जियो-टैगिंग और ई-चेकगेट स्थापित करना, इन कदमों ने पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा दिया। वारंट और समन की तामील ई-तकनीक से करने की शुरुआत भी एक आधुनिक पहल रही।