लगातार भारी बारिश और बरगी डैम के 15 गेट खुलने के बाद नर्मदा नदी इस समय अपने भयंकर उफान पर है। तेज बहाव के कारण कई पुल, पुलिया और सड़कें पानी में बह चुकी हैं। ऐसे खतरनाक हालात में जबलपुर से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक 60 वर्षीय बुजुर्ग, दो महिलाओं और सात युवाओं सहित कुल 10 लोगों ने उफनती नर्मदा में छलांग लगाई और 25 किलोमीटर की जल यात्रा पूरी कर सबको चौंका दिया।
बरगी डैम से 15 गेट खुले, नर्मदा उफान पर
मूसलाधार बारिश के कारण नर्मदा नदी अपने सामान्य स्तर से लगभग 20 फीट ऊपर बह रही है। ऊँची-ऊँची लहरें उठ रही हैं और पानी का बहाव इतना तेज है कि बड़े-बड़े पेड़, पुल-पुलिया भी बहने लगते हैं।
3 घंटे में पूरी की 25 किलोमीटर की तैराकी
टीम ने बरगी बांध के ठीक सामने से छलांग लगाई और लगातार 3 घंटे तक बिना रुके तैरते हुए जबलपुर के जिलहरी घाट तक पहुंच गए। टीम के सदस्य शिवा विश्वकर्मा ने बताया कि नर्मदा को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के संदेश के लिए वे हर साल ऐसी साहसिक जल यात्रा निकालते हैं।
कौन-कौन शामिल हुए इस खतरनाक मिशन में?
इस 10 सदस्यीय टीम में शामिल थे शंकर श्रीवास्तव, शिवा विश्वकर्मा, दीपक अमलानी, संजय रेड्डी, सोनी रामलख्यानी, ममता सोनी, आभा खरे, अभिषेक खरे, शाश्वत गुप्ता और राम लालवानी। इनमें एक बुजुर्ग और दो महिलाएँ भी शामिल रहीं, जो इस अभियान की खास बात रही।
जिलहरी घाट का तैराकी मंडल हर साल करता है ऐसी तैयारी
जबलपुर के जिलहरी घाट का नित्य तैराकी मंडल साल भर नर्मदा में अभ्यास करता है। इन्हीं दिनों का इंतजार करते हुए तैराक अपनी क्षमता और साहस की परीक्षा लेते हैं। कई सदस्य हर साल 20–25 किलोमीटर की जल यात्रा पूरी करते हैं, लेकिन इस बार नदी की उफनती लहरों में तैरना और भी चुनौतीपूर्ण था।
लगातार भारी बारिश और बरगी डैम के 15 गेट खुलने के बाद नर्मदा नदी इस समय अपने भयंकर उफान पर है। तेज बहाव के कारण कई पुल, पुलिया और सड़कें पानी में बह चुकी हैं। ऐसे खतरनाक हालात में जबलपुर से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक 60 वर्षीय बुजुर्ग, दो महिलाओं और सात युवाओं सहित कुल 10 लोगों ने उफनती नर्मदा में छलांग लगाई और 25 किलोमीटर की जल यात्रा पूरी कर सबको चौंका दिया।
बरगी डैम से 15 गेट खुले, नर्मदा उफान पर
मूसलाधार बारिश के कारण नर्मदा नदी अपने सामान्य स्तर से लगभग 20 फीट ऊपर बह रही है। ऊँची-ऊँची लहरें उठ रही हैं और पानी का बहाव इतना तेज है कि बड़े-बड़े पेड़, पुल-पुलिया भी बहने लगते हैं।
3 घंटे में पूरी की 25 किलोमीटर की तैराकी
टीम ने बरगी बांध के ठीक सामने से छलांग लगाई और लगातार 3 घंटे तक बिना रुके तैरते हुए जबलपुर के जिलहरी घाट तक पहुंच गए। टीम के सदस्य शिवा विश्वकर्मा ने बताया कि नर्मदा को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के संदेश के लिए वे हर साल ऐसी साहसिक जल यात्रा निकालते हैं।
कौन-कौन शामिल हुए इस खतरनाक मिशन में?
इस 10 सदस्यीय टीम में शामिल थे शंकर श्रीवास्तव, शिवा विश्वकर्मा, दीपक अमलानी, संजय रेड्डी, सोनी रामलख्यानी, ममता सोनी, आभा खरे, अभिषेक खरे, शाश्वत गुप्ता और राम लालवानी। इनमें एक बुजुर्ग और दो महिलाएँ भी शामिल रहीं, जो इस अभियान की खास बात रही।
जिलहरी घाट का तैराकी मंडल हर साल करता है ऐसी तैयारी
जबलपुर के जिलहरी घाट का नित्य तैराकी मंडल साल भर नर्मदा में अभ्यास करता है। इन्हीं दिनों का इंतजार करते हुए तैराक अपनी क्षमता और साहस की परीक्षा लेते हैं। कई सदस्य हर साल 20–25 किलोमीटर की जल यात्रा पूरी करते हैं, लेकिन इस बार नदी की उफनती लहरों में तैरना और भी चुनौतीपूर्ण था।