पीएम मोदी ने 12000 करोड़ की लागत वाले दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का किया उद्घाटन

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पीएम मोदी ने 12000 करोड़ की लागत वाले दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 14 अप्रैल 2026 को देहरादून में दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। वहां पहुंचकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोदी जी का स्वागत किया। यह नई सौगात 12000 करोड़ की लागत से निर्मित किया है जिसमें 6 लेन एक्सप्रेसवे है अब दिल्ली और देहरादून की यात्रा 6 घंटे की जगह सिर्फ 2.5 घंटे में ही तय करना होगा। इस नई सौगात से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ा जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोजेक्ट के बारे में कहा कि ” यहां आने से पहले मुझे मां काली के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। देहरादून शहर पर मां डाट काली की बड़ी कृपा है। दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर  के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में माता काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति रही है। साथियों, उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के पच्चीस वर्ष पूरा करने के साथ ही छब्बीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियां और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से यह युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। यह प्रोजेक्ट भी उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। इस एक्सप्रेसवे का बहुत बड़ा हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को भी बहुत फायदा होगा।” 

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती को लेकर पीएम मोदी ने कहा “आज डॉक्टर बाबा साहब आंबेडकर की जयंती भी है। मैं बाबा साहब को कोटि कोटि देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाई, जो निर्णय लिए, वह संविधान की गरिमा को पुनः स्थापित करने वाले रहे। Article 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। जिन दर्जनों जिलों में माओवाद, नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना के अनुरूप काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, यह हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने संविधान की इस भावना को आगे बढ़कर और उस भावना को आगे बढ़ाकर पूरे देश को राह दिखाई है। साथियों, बाबा साहब का जीवन गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार आज उसी भावना के साथ हर गरीब हर वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है और सामाजिक न्याय का एक बहुत बड़ा माध्यम देश का संतुलित विकास है। सबको सुविधा है, सबकी समृद्धि है। इसलिए ही बाबा साहब आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की औद्योगीकरण की भरपूर वकालत करते थे।”

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