किसान क्रेडिट पोर्टल, कवच योजना, 0 प्रतिशत ब्याज फसल ऋण के सरलीकरण और 200 नवीन PACS कार्यालयों का शुभारंभ
ग्वालियर। भगवान श्री बलराम दाऊ जी की जयंती के अवसर पर आयोजित किसान सहकारिता सम्मेलन ग्वालियर में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किसान हित में सहकारिता की शक्ति को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान किसान क्रेडिट पोर्टल, कवच योजना, 0 प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना के सरलीकरण और 200 नवीन PACS कार्यालयों का शुभारंभ किया गया। सरकार का कहना है कि इन पहलों से किसानों को ऋण, योजनाओं और सुविधाओं का लाभ अधिक आसानी से मिल सकेगा।
विषय सूची
- बलराम जयंती पर किसान हित का संकल्प
- सहकारिता के विस्तार से किसानों को लाभ
- चार महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ
- किसान की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
- किसान कल्याण वर्ष 2026 का महत्व
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
बलराम जयंती पर किसान हित का संकल्प
किसान सहकारिता सम्मेलन ग्वालियर को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भगवान श्री बलराम दाऊ जी की जयंती किसान समाज के लिए विशेष महत्व रखती है। भगवान बलराम को कृषि और श्रम शक्ति का प्रतीक माना जाता है। ऐसे अवसर पर किसानों के हित में नई योजनाओं और सुविधाओं की शुरुआत करना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों की आय बढ़ाना, उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सहकारिता के विस्तार से किसानों को लाभ
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सहकारिता गांव-गांव तक पहुंचकर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को ऋण, कृषि सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सहकारिता की शक्ति को मजबूत करने से किसान अकेले नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और किसानों के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
सिंधिया के अनुसार, किसान सहकारिता सम्मेलन ग्वालियर में शुरू की गई पहलें सहकारिता व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
चार महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ
सम्मेलन में किसान हित से जुड़ी चार प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया गया—
- किसान क्रेडिट पोर्टल
- कवच योजना
- 0 प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना का सरलीकरण
- 200 नवीन PACS कार्यालयों का शुभारंभ
इन पहलों का उद्देश्य किसानों को ऋण और सरकारी सुविधाओं तक सरल पहुंच उपलब्ध कराना है। फसल ऋण योजना के सरलीकरण से किसानों को ऋण संबंधी प्रक्रियाओं में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
वहीं, 200 नवीन PACS कार्यालयों के शुभारंभ से सहकारिता का ढांचा और अधिक विस्तृत होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को स्थानीय स्तर पर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
किसान की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसानों की आय बढ़े, उन्हें बेहतर अवसर मिलें और सहकारिता का लाभ गांव-गांव तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि किसान केवल देश का पेट भरने वाला अन्नदाता ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार भी है। कृषि क्षेत्र को मजबूत किए बिना देश के समग्र विकास की कल्पना पूरी नहीं की जा सकती।
सिंधिया ने कहा कि किसानों को आधुनिक सुविधाओं, सरल ऋण व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
किसान कल्याण वर्ष 2026 का महत्व
मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। किसान सहकारिता सम्मेलन ग्वालियर में इस निर्णय को किसान हित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़कर देखा गया।
सरकार का उद्देश्य किसान कल्याण वर्ष के दौरान कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली योजनाओं को गति देना है। सहकारिता, ऋण सुविधा और स्थानीय संस्थाओं के विस्तार को इस दिशा में महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
किसान क्रेडिट पोर्टल और PACS कार्यालयों के माध्यम से किसानों तक योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं अधिक व्यवस्थित तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सम्मेलन में किसान हित से जुड़ी योजनाओं और सहकारिता व्यवस्था के विस्तार पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में शुरू की गई इन पहलों को मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम में किसानों, सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
किसान सहकारिता सम्मेलन ग्वालियर में शुरू की गई योजनाओं का सीधा संबंध किसानों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीण विकास से है। यदि किसानों को समय पर ऋण, योजनाओं और आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिलता है, तो कृषि गतिविधियों को बेहतर आधार मिल सकता है।
200 नवीन PACS कार्यालयों का शुभारंभ सहकारिता व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं के लिए अधिक सुलभ संस्थागत माध्यम मिल सकेगा।
इस खबर का असर
बलराम जयंती पर आयोजित किसान सहकारिता सम्मेलन ग्वालियर में शुरू की गई चार प्रमुख पहलों से किसानों को ऋण और सरकारी सुविधाओं तक आसान पहुंच मिलने की उम्मीद है। सहकारिता के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को गति मिल सकती है।

