पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर शिवपुरी: देश के 7वें केंद्र की नींव, अब 600 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा

Picture of By: Sandhya Samachar Team

By: Sandhya Samachar Team

Share

शिवपुरी, 2 सितंबर 2026। पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर शिवपुरी देश का सातवां डाक प्रशिक्षण केंद्र होगा। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को शिवपुरी में इस महत्वपूर्ण केंद्र का भूमिपूजन किया।

यह केंद्र मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों के डाक कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं और नई पीढ़ी के कौशल से जुड़ा प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। सिंधिया ने कहा कि केंद्र की स्थापना से मध्य प्रदेश के डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए लगभग 600 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा।

विषय सूची

  • शिवपुरी में मिला देश का 7वां पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर
  • अब डाक कर्मचारियों को नहीं जाना पड़ेगा 600 किलोमीटर दूर
  • देश के छह पोस्टल ट्रेनिंग सेंटरों की स्थिति
  • डिजिटल डाक सेवा और नई तकनीक पर जोर
  • डाक विभाग के राजस्व में बड़ी वृद्धि
  • शिवपुरी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह केंद्र

शिवपुरी में मिला देश का 7वां पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर

भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप डाक विभाग को बदलते समय की जरूरतों के लिए तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर शिवपुरी डाक विभाग के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के तंत्र को मजबूत करेगा। यहां कर्मचारियों को विशेषज्ञता आधारित, तकनीक-सक्षम और नागरिक-केंद्रित सेवाओं से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सिंधिया के अनुसार, डाक विभाग अब केवल पत्र और पार्सल पहुंचाने तक सीमित नहीं है। डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन सेवाओं, ई-कॉमर्स, वित्तीय समावेशन और तकनीक आधारित नागरिक सेवाओं के विस्तार के साथ विभाग की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

अब डाक कर्मचारियों को नहीं जाना पड़ेगा 600 किलोमीटर दूर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अब लगभग 600 किलोमीटर दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। शिवपुरी में ही उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर शिवपुरी इसी परंपरा को आधुनिक तकनीक और नए कौशल के साथ आगे बढ़ाने का काम करेगा।

बदलते समय के साथ डाक सेवाओं का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को नई तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक सेवा प्रणाली के अनुरूप प्रशिक्षित करना विभाग की प्राथमिकता है।

देश के छह पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर पहले से संचालित

शिवपुरी का केंद्र देश में पहले से संचालित छह पोस्टल ट्रेनिंग सेंटरों की श्रृंखला का विस्तार है। वर्तमान में ये केंद्र निम्न स्थानों पर संचालित हैं—

  • सहारनपुर
  • वडोदरा
  • मैसूर
  • गुवाहाटी
  • मदुरई
  • दरभंगा

इन केंद्रों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 2,000 डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। शिवपुरी में नया केंद्र शुरू होने के बाद मध्य भारत के डाक कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण की सुविधा और अधिक सुलभ हो जाएगी।

सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। वहीं, शिवपुरी भारत के मध्य में स्थित होने के साथ बेहतर भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी वाला शहर है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र के लिए यह स्थान उपयुक्त है।

आधुनिक तकनीक और नई पीढ़ी के कौशल पर जोर

पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर शिवपुरी में डाक कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक और नई पीढ़ी के कौशल से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य डाक विभाग की सेवाओं को अधिक तेज, सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन कार्यप्रणाली, आधुनिक डाक प्रबंधन और बदलती ग्राहक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग देश के करोड़ों नागरिकों से सीधे जुड़ा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं की पहुंच और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।

“डाक सेवा को डिजिटल बनाकर 140 करोड़ भारतीयों से जोड़ना है”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प डाक सेवा को डिजिटल बनाकर 140 करोड़ भारतीयों से जोड़ना है। इसी दिशा में डाक विभाग लगातार नई सेवाओं और तकनीकी सुविधाओं का विस्तार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि डाक विभाग की कार्यप्रणाली में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग, नई सेवाओं और बेहतर प्रबंधन के कारण विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है।

डाक विभाग अब बैंकिंग, बीमा, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहा है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आधुनिक सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

डाक विभाग के राजस्व में बड़ी वृद्धि

कार्यक्रम में सिंधिया ने डाक विभाग के राजस्व में पिछले दो वर्षों के दौरान ₹2,155 करोड़ की अभूतपूर्व वृद्धि का उल्लेख किया।

उन्होंने वर्षवार आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में डाक विभाग का राजस्व ₹13,218 करोड़ था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर ₹15,296 करोड़ हो गया। इस तुलना के अनुसार एक वर्ष में ₹2,078 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई।

सिंधिया ने कहा कि यह वृद्धि डाक विभाग की बदलती कार्यप्रणाली, तकनीक के बढ़ते उपयोग और नई सेवाओं के विस्तार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विभाग नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को लगातार आधुनिक बना रहा है।

शिवपुरी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह केंद्र

शिवपुरी में पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना से शहर को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी। इससे न केवल डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण, प्रशासनिक गतिविधियों और क्षमता निर्माण से जुड़े अवसर भी बढ़ेंगे।

मध्य प्रदेश के अलावा आसपास के राज्यों के कर्मचारी भी इस केंद्र से लाभान्वित हो सकेंगे। शिवपुरी की भौगोलिक स्थिति इसे मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र बनाने में सहायक हो सकती है।

इस खबर का असर

पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर शिवपुरी डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण को आसान और प्रभावी बनाएगा। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह केंद्र डिजिटल डाक सेवाओं के विस्तार और बेहतर नागरिक सेवा वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह केंद्र नई तकनीक, नए कौशल और नए भारत की जरूरतों के अनुरूप डाक विभाग को तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Related Post