तिघरा डैम पर लापरवाही भारी शहर पर मंडरा रहा पेयजल संकट का खतरा ग्वालियर की प्यास बुझाने वाला तिघरा डैम एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह राहत नहीं बल्कि चिंता है। शहर की “लाइफलाइन” कहलाने वाला यह जलाशय प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर जल प्रबंधन का शिकार बनता नजर आ रहा है। बीते मानसून में डैम के गेट खोलकर लाखों गैलन पानी बहा दिया गया, लेकिन उस समय किसी ने यह नहीं सोचा कि कुछ महीनों बाद यही शहर बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो सकता है। अब जब गर्मी अपने चरम पर है, तो ग्वालियर में पेयजल संकट की आहट साफ सुनाई देने लगी है।
पिछले साल बारिश के दौरान तिघरा डैम कई बार ओवरफ्लो हुआ। हालात ऐसे बने कि डैम के सातों गेट तक खोलने पड़े और हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उस समय इसे “अच्छी बारिश” और “भरे हुए डैम” की तस्वीरों के साथ पेश किया गया, लेकिन पानी के संरक्षण को लेकर कोई ठोस रणनीति दिखाई नहीं दी। आज वही लापरवाही शहरवासियों के लिए चिंता बन चुकी है।
ग्वालियर में पहले भी जल संकट की स्थिति बन चुकी है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई बार तिघरा में केवल कुछ दिनों का पानी बचा था और प्रशासन को एक दिन छोड़कर सप्लाई करनी पड़ी थी। अब फिर वही डर लोगों के बीच लौट रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो चुका है और लोगों को टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर हर साल यही स्थिति क्यों बनती है? विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या सिर्फ कम बारिश की नहीं, बल्कि जल प्रबंधन की भी है। डैम से जरूरत से ज्यादा पानी छोड़ना, पाइपलाइन लीकेज, अवैध कनेक्शन और वितरण व्यवस्था की खामियां इस संकट को और बढ़ा रही हैं। एक रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जलाशयों से पर्याप्त पानी निकाला जा रहा है, लेकिन खराब मैनेजमेंट की वजह से लाखों लोग फिर भी परेशान हैं।
गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है और तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है। ऐसे में पानी की मांग तेजी से बढ़ना स्वाभाविक है। शहर में लोग अब प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि जब सर्दियों और मानसून में पानी बचाने की व्यवस्था नहीं की गई, तो अब गर्मी में संकट से कैसे निपटा जाएगा?
जल विशेषज्ञों का कहना है कि केवल बारिश के भरोसे शहर नहीं चल सकता। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, जल संरक्षण, पुराने पाइप नेटवर्क की मरम्मत और रिसाव रोकने जैसे कदम तुरंत उठाने होंगे। वरना आने वाले दिनों में ग्वालियर को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल हालात चेतावनी दे रहे हैं। अगर अभी भी जिम्मेदार विभाग नहीं जागे, तो आने वाले हफ्तों में ग्वालियर की सड़कों पर पानी के लिए लंबी कतारें और टैंकरों के पीछे भागती भीड़ आम तस्वीर बन सकती है।

