केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल के दिनों में असम का दौरा किया, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। अमित शाह ने जनसभा में सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर जोर दिया। शाह ने जनसभा में कहा कि “हम घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से कटवा रहे हैं। ममता दीदी और राहुल बाबा के पेट में दर्द हो रहा है। अरे राहुल बाबा CAA का तो आप विरोध करते थे। जो शरणार्थी बंगाली भाई बहन यहाँ आए हैं उनको मतदान का अधिकार देने से आप विरोध कर रहे थे और घुसपैठियों का क्यों स्वागत कर रहे हैं? क्योंकि वो उनकी वोट बैंक है। अरे आप चिंता मत करो। रोने दो ममता बनर्जी को, छाती पीटने दो राहुल बाबा को। इस देश से एक एक घुसपैठिए को चुन चुन कर भारतीय जनता पार्टी निकाल देगी।”
#WATCH | कछार, असम: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "हम घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से कटवा रहे हैं। ममता दीदी और राहुल बाबा के पेट में दर्द हो रहा है। अरे राहुल बाबा, CAA का तो आप विरोध करते थे, जो शरणार्थी बंगाली भाई-बहन यहां आए हैं, उन्हें… pic.twitter.com/LVXOcn2Xgg
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 7, 2026
केंद्रीय गृहमंत्री ने जनसभा में मोदी पर जोर देते हुए कहा कि “एक और नरेंद्र मोदी जी है जो पलायन रोकना चाहते हैं और दूसरी ओर राहुल बाबा है जो घुसपैठ करना चाहते हैं। असम के सात जिले दुबरी, बरपेटा, दरांग, मोरीगांव, बोंगाईगांव, नौगांव और गोलपांडा। इस सातों जिलों में मुस्लिम बहुल जिले बन चुके हैं और मैं आज असम की जनता को कहने आया हूं। एक गोगोई पर विश्वास किया तो फिर से असम में घुसपैठ शुरू हो जाएगी। मुझे बताओ सिलचर वालों घुसपैठ रोकनी है या नहीं रोकनी है। भाइयों बहनों, 1991 में इस सात जिलों में हिंदू आबादी 38 लाख थी। अब घटकर 36 लाख हो गई है और मुस्लिम आबादी 39 लाख थी। वो बढ़कर 64 लाख हो गई और राहुल गांधी के पेट का पानी नहीं हिलता है। उनको तो उसमें वोट बैंक दिखाई पड़ती है। राहुल बाबा अंतिम बार है। घुसपैठियों का बचा खुचा वोट लेना है तो ले लो। अगले चुनाव में वोट देने के लिए हम इसको यहीं नहीं रखेंगे। निकाल बाहर कर देंगे।”
#WATCH | कछार, असम: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "एक ओर पीएम नरेंद्र मोदी हैं जो पलायन रोकना चाहते हैं और दूसरी ओर राहुल बाबा हैं, जो घुसपैठ कराना चाहते हैं। असम के 7 जिले धुबरी, बरपेटा, दरांग, मोरीगांव, बोंगाईगांव, नौगांव और गोलपाड़ा, यह सभी… pic.twitter.com/EkWLO6DM3R
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