E. Jean Carroll मानहानि मामला: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को फिर झटका, 5 मिलियन डॉलर का फैसला बरकरार

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप की पुनर्विचार याचिका भी खारिज की; 2023 में मिली $5 मिलियन की जूरी राशि अब अंतिम, जबकि अलग $83.3 मिलियन मानहानि मामले पर फैसला अभी बाकी

टी.एन. मनीष

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को E. Jean Carroll से जुड़े चर्चित सिविल मामले में एक बार फिर बड़ा कानूनी झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उस मामले में ट्रंप की पुनर्विचार याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसमें 2023 की जूरी ने उन्हें E. Jean Carroll के यौन शोषण और मानहानि के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए करीब 5 मिलियन डॉलर का हर्जाना दिया था। यह फैसला जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की सुनवाई से इनकार के बाद ट्रंप की दूसरी कोशिश थी।

नवीनतम आदेश के बाद इस $5 मिलियन वाले मामले में जूरी का फैसला अंतिम हो गया है। ट्रंप इस मामले में ब्याज सहित लगभग $5.63 मिलियन का भुगतान पहले ही कर चुके हैं।

कौन हैं E. Jean Carroll?

E. Jean Carroll अमेरिकी लेखिका और पत्रकार हैं, जिन्होंने लंबे समय तक Elle पत्रिका के लिए “Ask E. Jean” कॉलम लिखा। उन्होंने 2019 में प्रकाशित अपनी किताब में आरोप लगाया कि 1990 के दशक के मध्य में न्यूयॉर्क के Bergdorf Goodman डिपार्टमेंट स्टोर में ट्रंप ने उनका यौन शोषण किया था।

ट्रंप ने इन आरोपों से लगातार इनकार किया। उन्होंने सार्वजनिक बयानों में Carroll के दावों को झूठा बताया और यह भी कहा कि वह उन्हें जानते तक नहीं थे। इसके बाद Carroll ने ट्रंप के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया।

2023 की जूरी ने क्या फैसला दिया था?

2023 में न्यूयॉर्क की एक संघीय जूरी ने ट्रंप को Carroll के साथ यौन शोषण और उनके खिलाफ की गई मानहानिकारक टिप्पणियों के लिए नागरिक रूप से जिम्मेदार ठहराया था।

महत्वपूर्ण बात यह है कि जूरी ने ट्रंप को बलात्कार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया, बल्कि यौन शोषण और मानहानि के लिए दायित्व तय किया था। इस फैसले में Carroll को करीब $5 मिलियन का हर्जाना दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा मामला?

ट्रंप ने इस फैसले को निचली अदालतों में चुनौती देने के बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक उनकी certiorari petition को 29 जून 2026 को खारिज कर दिया गया।

इसके बाद ट्रंप ने पुनर्विचार याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में यह याचिका जुलाई 2026 में दाखिल होने की पुष्टि होती है।

अब अदालत ने पुनर्विचार का रास्ता भी बंद कर दिया है। समाचार एजेंसियों की 17 अगस्त 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने दूसरी बार ट्रंप की अपील को आगे बढ़ाने से इनकार किया।

क्या अब मिलियन वाले मामले में कोई कानूनी रास्ता बचा है?

इस खास $5 मिलियन वाले फैसले के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की ताजा कार्रवाई के बाद ट्रंप की इस जूरी verdict को पलटने की कोशिश समाप्त हो गई है। अदालत ने पुनर्विचार का अनुरोध भी स्वीकार नहीं किया और ट्रंप पहले ही हर्जाने की राशि का भुगतान कर चुके हैं।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।

$83.3 मिलियन वाला अलग मामला अभी बाकी है

Carroll और Trump के बीच एक दूसरा मानहानि मामला भी है, जिसमें 2019 में ट्रंप द्वारा राष्ट्रपति रहते हुए दिए गए बयानों से जुड़े मुकदमे में $83.3 मिलियन का फैसला आया था।

इस मामले को लेकर ट्रंप और अमेरिकी न्याय विभाग ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और इसमें राष्ट्रपति की आधिकारिक गतिविधियों से जुड़ी immunity का सवाल उठाया गया है। इस $83.3 मिलियन वाले मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है।

यानी यह कहना सही नहीं होगा कि Carroll से जुड़े सभी कानूनी विवाद पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं।

इस फैसले का राजनीतिक महत्व क्या है?

डोनाल्ड ट्रंप की कानूनी लड़ाइयां अमेरिकी राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। लेकिन Carroll मामले की खासियत यह है कि यह सीधे किसी राजनीतिक नीति विवाद से नहीं, बल्कि एक सिविल मुकदमे और व्यक्तिगत आचरण तथा सार्वजनिक बयानों से जुड़ा है।

इस मामले का एक बड़ा राजनीतिक संदेश यह भी है कि राष्ट्रपति पद की संवैधानिक और राजनीतिक ताकत के बावजूद सिविल न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह अलग कानूनी ढांचे में चल सकती है।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ट्रंप के खिलाफ कोई नया तथ्यात्मक निष्कर्ष नहीं दिया है। अदालत ने मूलतः उनके मामले की आगे समीक्षा करने से इनकार किया है, जिससे निचली अदालतों का फैसला प्रभावी रूप से अंतिम हो गया है।

राष्ट्रपति पद और न्यायिक जवाबदेही की बहस

इस मामले ने अमेरिका में एक व्यापक संवैधानिक और राजनीतिक सवाल को भी सामने रखा है—क्या राष्ट्रपति पद की शक्ति किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत सिविल दायित्व से बचा सकती है?

हालांकि 2024 के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के Trump v. United States फैसले में पूर्व राष्ट्रपतियों की आधिकारिक कृत्यों को लेकर आपराधिक immunity का महत्वपूर्ण सिद्धांत सामने आया था, लेकिन Carroll के मामले सिविल दायित्व से जुड़े हैं और अलग कानूनी प्रश्नों पर आधारित हैं।

इसी वजह से Carroll से जुड़े दोनों मामलों को एक ही कानूनी श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा।

अब आगे क्या?

$5 मिलियन वाले मामले में ट्रंप की सुप्रीम कोर्ट तक की चुनौती समाप्त हो चुकी है। लेकिन $83.3 मिलियन वाले अलग मानहानि मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया जारी है। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक ट्रंप ने जुलाई 2026 के अंत में उस मामले में certiorari petition दायर की है और जवाब दाखिल करने की समयसीमा अगस्त के अंत तक है।

इसलिए Carroll-Trump कानूनी विवाद की पूरी कहानी अभी समाप्त नहीं हुई है, भले ही पहला बड़ा $5 मिलियन वाला फैसला अब अंतिम हो चुका है।

निष्कर्ष

E. Jean Carroll मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ताजा रुख ट्रंप के लिए स्पष्ट कानूनी झटका है। $5 मिलियन वाले 2023 जूरी फैसले को अब अंतिम रूप मिल गया है, जबकि उससे जुड़े दूसरे $83.3 मिलियन के मानहानि मामले पर अभी न्यायिक प्रक्रिया बाकी है।

इस मामले की व्यापक अहमियत केवल ट्रंप और Carroll तक सीमित नहीं है। यह अमेरिकी न्याय व्यवस्था में सिविल जवाबदेही, सार्वजनिक बयानों की कानूनी सीमा और सत्ता के उच्चतम पद पर बैठे व्यक्ति की न्यायिक जिम्मेदारी जैसे सवालों को भी सामने रखता है।

आज का विचार:
“पद बड़ा हो सकता है, लेकिन कानून के सामने जवाबदेही उससे बड़ी होती है।”

सांध्य संदेश:
लोकतंत्र में आरोपों और असहमति का अंतिम फैसला राजनीतिक शोर से नहीं, प्रमाण और न्यायिक प्रक्रिया से होना चाहिए।