एक परिचय
Republicindia.in भारत का एक अनोखा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो आम नागरिकों को सीधे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राजनीतिक पार्टियों, चुनाव आयोग और NITI Aayog जैसे राष्ट्रीय संस्थानों तक अपने सुझाव और शिकायतें भेजने की सुविधा देता है।republicindia+2
यह प्लेटफॉर्म 26 जनवरी 2015 को गणतंत्र दिवस के दिन लॉन्च किया गया था, और तब से लेकर अब तक लाखों नागरिकों ने इसके माध्यम से अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाई है।
किसने बनाया और क्यों?
Republicindia.in के पीछे हैं कपिल गुप्ता, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जिन्होंने इस प्लेटफॉर्म को 2014 में ही डिजाइन करना शुरू कर दिया था।
कपिल का मानना था कि लोकतंत्र में आम आदमी की आवाज़ सीधे नेताओं तक पहुँचना चाहिए, लेकिन उस समय इंटरनेट धीमा था, और सरकारों के आधिकारिक ईमेल या संपर्क विवरण खोजना भी मुश्किल था।
इसी समस्या को हल करने के लिए कपिल ने Republicindia.in बनाया — एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहाँ कोई भी नागरिक 5 सेकंड में अपना सुझाव या शिकायत भेज सके।
कैसे काम करता है Republicindia.in?
Republicindia.in का काम करने का तरीका बेहद सरल है:
- सुझाव जमा करें: नागरिक वेबसाइट पर जाकर अपना सुझाव या शिकायत लिखते हैं।republicindia+1
- स्वचालित फॉरवर्डिंग: जमा किए गए सुझाव की एक कॉपी PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) और/या संबंधित मंत्रालय/विभाग को भेजी जाती है।
- राज्य स्तर पर: अगर सुझाव राज्य सरकार से जुड़ा है, तो वह मुख्यमंत्री कार्यालय या राज्य के मुख्य सचिव को फॉरवर्ड होता है
- पुष्टि ईमेल: सुझाव जमा करने के बाद नागरिक को एक कन्फर्मेशन ईमेल मिलता है, जिसमें उनका सुझाव शामिल होता है।
- स्टेटस ट्रैक करें: नागरिक अपने सुझाव की स्थिति भी चेक कर सकते हैं — कि क्या उनका सुझाव नेताओं तक पहुँचा और उस पर क्या कार्रवाई हुई।
नोट: सरकार हर दिन हजारों सुझाव प्राप्त करती है, इसलिए हर सुझाव पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिल सकती। लेकिन कई सुझावों को नीति निर्माण में शामिल किया गया है।republicindia+1
कितने सुझाव पहुँचे?
- 2017 तक: Republicindia.in के माध्यम से प्रतिदिन हजारों सुझाव और शिकायतें भेजी जा रही थीं।
- कोरोना काल (2020-2021): प्लेटफॉर्म पर 1.5 लाख से अधिक कोरोना-संबंधी सुझाव केंद्र और राज्य सरकारों तक पहुँचे।
- गूगल सर्च में शीर्ष पर: अगर आप Google पर “सुझाव कैसे भेजें राष्ट्रपति को” या “PM को सुझाव” सर्च करें, तो Republicindia.in शीर्ष परिणामों में दिखाई देता है।
मीडिया में कवरेज
Republicindia.in को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया में व्यापक कवरेज मिला है। कुछ प्रमुख मीडिया आउटलेट्स जिनमें इस प्लेटफॉर्म की खबरें छपीं:
| मीडिया आउटलेट | शीर्षक / विषय |
|---|---|
| The Times of India | “Government of India advised to use Republicindia.in platform” |
| The Economic Times | “PMO approves MP techie’s portal” |
| Zee News | “घर बैठे सरकार तक पहुंचने का बहुत आसान तरीका है Republicindia.in” |
| Dainik Bhaskar | “लोक-तंत्र के बीच की कड़ी बना छात्र, समस्या समाधान के लिए बनाई साइट” |
| Etv Bharat | “Technology से हारेगा कोरोना, Republicindia.in प्लेटफॉर्म फायदेमंद” |
| Patrika | “एक क्लिक में पीएमओ सहित देश के सभी CMO तक पहुंचेगा आपका सुझाव” |
| IBC24 | “Google के कई सवालों का जवाब है Republicindia.in” |
| Nai Duniya | “Republicindia.in प्लेटफार्म पर जनता रख रही कोरोना से बचने और लड़ने के लिए राय” |
कुल मिलाकर, 28+ मीडिया आउटलेट्स ने Republicindia.in की कहानी को कवर किया है — प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सभी फॉर्मेट्स में।
क्यों महत्वपूर्ण है Republicindia.in?
- लोकतांत्रिक भागीदारी: यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को सीधे नीति निर्माण प्रक्रिया में शामिल होने का मौका देता है।
- सरल और तेज़: कोई भी नागरिक, चाहे वह तकनीक में कितना भी अनजान हो, 5 सेकंड में अपना सुझाव भेज सकता है।
- पारदर्शिता: सुझाव जमा करने के बाद कन्फर्मेशन ईमेल और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा।
- कोरोना काल में भूमिका: महामारी के दौरान 1.5 लाख+ सुझाव सरकारों तक पहुँचे, जिनमें से कई को लागू भी किया गया।
- गूगल पर शीर्ष रैंकिंग: नागरिकों के लिए सबसे आसान और विश्वसनीय स्रोत बनकर उभरा।
संस्थापक कपिल गुप्ता की कहानी
कपिल गुप्ता ने Oriental Institute of Science and Technology, भोपाल से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। 2014 में, जब वे अभी छात्र थे, उन्होंने Republicindia.in का आइडिया तैयार किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस प्लेटफॉर्म के बारे में बताया।
उसी समय सरकार ने MyGov.in पोर्टल लॉन्च किया, लेकिन कपिल का फोकस आम आदमी की रोजमर्रा की समस्याओं पर था — जैसे Article 370, सीमा विवाद, गाय सुरक्षा, आरक्षण नीति जैसे बड़े मुद्दों पर भी नागरिकों की राय लेना।
26 जनवरी 2015 को गणतंत्र दिवस के दिन कपिल ने इस प्लेटफॉर्म को राष्ट्र को समर्पित किया, और तब से यह लोकतंत्र की आवाज़ बनकर उभरा है।
कैसे जुड़ें?
अगर आप भी अपने सुझाव या शिकायतें भेजना चाहते हैं, तो विजिट करें:
👉 https://republicindia.in
यहाँ आप भेज सकते हैं:
- राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सुझाव
- मुख्यमंत्रियों और राज्य सरकारों को सुझाव
- राजनीतिक पार्टियों को संदेश
- चुनाव आयोग, NITI Aayog, RBI, रेलवे जैसे संस्थानों को सुझाव
- कोरोना जैसे संकट काल में विशेष सुझावrepublicindia+2
Sandhya Samachar की राय
Republicindia.in एक क्रांतिकारी पहल है, जो लोकतंत्र को वास्तविक अर्थों में “जनता का राज” बनाती है। ग्वालियर के एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की यह सोच साबित करती है कि तकनीक और जन भागीदारी का मिलन देश के विकास में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
Sandhya Samachar ऐसे प्लेटफॉर्म्स को सलाम करता है, जो आम आदमी की आवाज़ को बुलंद करते हैं और सरकार और जनता के बीच की दूरी को कम करते हैं

