क्या बेटी सच में लक्ष्मी है या सिर्फ भोझ

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क्या बेटी सच में लक्ष्मी है या सिर्फ भोझ

हमारे देश भारत में जब बेटी का जन्म होता है तो उसके जन्म के साथ उनके दहेज की चिंता माता पिता को सताने लगती है क्योंकि हमारे देश में दहेज प्रथा जैसा अभिशाप बहुत पुराने समय से चला आ रहा है और आज भी ये घिनौना कृत्य प्रथा के नाम से दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है ,दहेज प्रथा की शुरुआत प्राचीन भारत में ही शुरू हो गई थी और प्राचीन काल में इससे स्त्री धन कहा जाता था ये धन और सम्पत्ति लड़की के पिता द्वारा बेटी की सुरक्षा के लिए उन्हें देते थे और इसका पूरा अधिकार बेटियों के पास ही होता था लेकिन ये प्रथा कब समाज का अभिशाप बनता चला गया और ये परंपरा कब ससुराल पक्ष ने जबरन अपना अधिकार बना लिया पता ही नहीं चला
पहले के समय मैं पिता पक्ष अपनी मर्जी से भेंट स्वरूप अपनी बेटी को उनके अधिकार के रूप में कुछ संपत्ति एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करते थे लेकिन अब ये प्रथा नहीं रही ये एक बड़ी समस्या बन चुकी है और इसका खामियाजा बिचारी मासूम लड़कियाँ कर रही है, उन्हें ससुराल पक्ष की और से उत्पीड़न झेलना पड़ता है।हाल में घटित हुआ। त्विशा शर्मा 33 साल की मॉडल और पहले एक्टर रह चुकी हैं। दिसंबर 2025 में वकील समर्थ सिंह से शादी करने के बाद वह भोपाल में रहती थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे 2024 में एक डेटिंग ऐप के ज़रिए मिले थे।

क्या हुआ?

12 मई, 2026 को, त्विशा भोपाल के कटारा हिल्स में अपने ससुराल वालों के घर पर मरी हुई मिलीं। शुरू में, मौत को फांसी लगाकर सुसाइड बताया गया। हालांकि, उनके परिवार ने इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

त्विशा के परिवार वालों का दावा है कि
उन्होंने शादी के बाद हैरेसमेंट की शिकायत की थी। सीन और मेडिकल जांच में कुछ अजीब बातें थीं। मौत कोई सिंपल सुसाइड का मामला नहीं था। लोगों के गुस्से की वजह से, इंसाफ और इंडिपेंडेंट जांच की मांग को लेकर प्रोटेस्ट किए गए।

जांच और कानूनी डेवलपमेंट मामला तेज़ी से बढ़ा:


पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा केस दर्ज किया। एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई।
त्विशा के पति, समर्थ सिंह ने बाद में अपनी एंटीसिपेटरी बेल अर्जी खारिज होने के बाद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। लोगों के दबाव के कारण CBI जांच की मांग उठी। पहली पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठने के कारण दूसरी ऑटोप्सी का आदेश दिया गया।

मामला इतना गंभीर हो गया कि खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने खुद ही संज्ञान लिया।

सास से जुड़ा विवाद त्विशा की सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह कहते हुए कमेंट किया कि दहेज के मामलों में पुरुषों के साथ अपने आप ही अपराधी जैसा बर्ताव किया जाता है। उनकी बातों से विवाद खड़ा हो गया और ऑनलाइन बहस तेज हो गई।

  • यह केस देश भर में क्यों ज़रूरी हो गया
  • इस केस ने देश भर में चर्चा शुरू कर दी क्योंकि इसमें शामिल थे:
  • कथित दहेज उत्पीड़न
  • शादी के तुरंत बाद एक संदिग्ध मौत
  • पुलिस जांच पर सवाल
  • पब्लिक प्रोटेस्ट
  • न्याय की मांग को लेकर सोशल मीडिया कैंपेन
  • सुप्रीम कोर्ट का शामिल होना
  • इसने इस बात पर भी बहस फिर से शुरू कर दी कि भारत में गैर-कानूनी होने के बावजूद दहेज प्रथा कैसे जारी है।