ग्वालियर की गौरवशाली परंपरा, कवि सम्मेलन में दिखे साहित्य, संगीत और संस्कृति के विविध रंग 

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ग्वालियर की गौरवशाली परंपरा, कवि सम्मेलन में दिखे साहित्य, संगीत और संस्कृति के विविध रंग 

ग्वालियर | “अटल जी विराट व्यक्तित्व के धनी थे” यह उद्गार मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित दीपावली एवं नव वर्ष मिलन समारोह के अंतर्गत भव्य कवि सम्मेलन में व्यक्त किए।

रंग महल गार्डन में आयोजित इस गरिमामय आयोजन में देशभर से आए नामचीन कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र सिंह तोमर का स्वागत चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी सचिव श्री दीपक अग्रवाल, हेमंत गुप्ता, राकेश अग्रवाल सहित पदाधिकारियों ने किया। इस अवसर पर चेंबर से जुड़े व्यापारी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में श्री तोमर ने कहा कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और संगीत की दृष्टि से ग्वालियर का हर कण समृद्ध है। राजा मानसिंह तोमर से लेकर उस्ताद हाफिज अली खान, उस्ताद अमजद अली खान और ग्वालियर घराने की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसी समृद्ध विरासत के कारण यूनेस्को ने ग्वालियर को ‘संगीत सिटी’ का दर्जा दिया है।

उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में स्व. जगन्नाथ प्रसाद मिलिंद, डॉ. हरिहर निवास द्विवेदी, आनंद मिश्र और प्रकाश मिश्रा जैसे रचनाकारों का स्मरण किया और कहा कि ये सभी ग्वालियर की अमूल्य धरोहर हैं।

श्री तोमर ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि श्रेष्ठ साहित्यकार, पत्रकार और संवेदनशील कवि भी थे—उनका व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। साहित्य, संगीत और संस्कृति का यह संगम ग्वालियर की पहचान को और सशक्त करता है।

लखनऊ से पधारी शशि श्रेया जी की कविताओं की पंक्तियाँ जब ग्वालियर पहुँचीं, तो सीधे ग्वालियरवासियों के दिलों को छू गईं।उनका अद्भुत हुनर, सशक्त शब्दों की अभिव्यक्ति और एक संवेदनशील कवयित्री के रूप में उनका गरिमामय किरदार, साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।ग्वालियर शहर उनके साहित्यिक कौशल और काव्य प्रतिभा को सादर नमन करता है।