अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं या ऑफिस की किसी परिस्थिति में जॉब छोड़नी पड़ सकती है, तो आपके लिए यह बहुत बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से फुल एंड फाइनल (FnF) पेमेंट के लिए हफ्तो से कभी-कभी महीनों तक इंतज़ार करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव किया है।
नए वेज कोड के लागू होते ही कंपनियों को अब आपकी पूरी बकाया राशि आपके आखिरी वर्किंग डे के बाद सिर्फ दो वर्किंग डे में देना अनिवार्य होगा। यानी अब FnF के नाम पर कंपनियों द्वारा की जाने वाली देरी पूरी तरह खत्म होने जा रही है।
वेज कोड 2019 में क्या कहा गया है?
BTG अद्वय के पार्टनर अर्जुन पलेरी के अनुसार, वेज कोड 2019 की धारा 17(2) यह स्पष्ट करती है कि कर्मचारी के आखिरी काम वाले दिन के बाद अगले दो वर्किंग डे के भीतर कंपनी को उसका पूरा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट देना होगा।
इसमें निम्न सभी देनदारियां शामिल होंगी जिसमे सैलरी का बकाया, बची हुई पेड लीव का पैसा और कोई अन्य वित्तीय बकाया होगी। यह नियम सभी तरह के कर्मचारियों पर लागू होगा चाहे वह स्थायी कर्मचारी हों, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर हों या फिक्स्ड टर्म वाले।
क्या ग्रेच्युटी भी दो दिन में मिलेगी?
नहीं, ग्रेच्युटी अभी भी अलग कानूनों के तहत तय समय पर ही दी जाएगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। FnF के दो-दिन वाले नियम में ग्रेच्युटी शामिल नहीं है।
कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा
कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा महीनों की देरी से छुटकारा होगा जिसमे नौकरी बदलते समय वित्तीय दबाव कम होंगे और कंपनियों की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।