ब्राजील में आए एक शक्तिशाली तूफान ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देश के दक्षिणी राज्य रियो ग्रांडे डो सुल के गुआइबा शहर में तेज रफ्तार हवाओं के चलते अमेरिका की मशहूर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की तर्ज पर बनी 24 मीटर ऊंची प्रतिकृति ढह गई। यह विशालकाय स्टैच्यू एक हवन मेगास्टोर के बाहर स्थापित की गई थी, जो अचानक आए तूफान की चपेट में आ गई।
तूफान के दौरान हवाओं ने इतना रौद्र रूप दिखाया कि यह भारी भरकम संरचना खुद को संभाल नहीं पाई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस भयावह घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्टैच्यू धीरे-धीरे आगे की ओर झुकती है और कुछ ही पलों में एक खाली पार्किंग एरिया में जमीन पर गिर जाती है।
इस घटना के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि आखिर हवाओं की रफ्तार कितनी तेज रही होगी, जिसने इतनी विशाल और मजबूत दिखने वाली संरचना को भी गिरा दिया। इस पर ब्राजील की नागरिक सुरक्षा एजेंसी डेफेसा सिविल ने जानकारी दी कि महानगरीय क्षेत्र में पहले से ही गंभीर मौसम की चेतावनी जारी की गई थी। एजेंसी के मुताबिक, तूफान के दौरान हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक दर्ज की गई।
ब्राज़ील के गुआइबा में तेज़ हवाओं की वजह से स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी की रेप्लिका गिर गई।
pic.twitter.com/cUzXRb2Sb4— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) December 16, 2025
स्टैच्यू कब स्थापित हुआ
जानकारी के अनुसार, यह स्टैच्यू वर्ष 2020 में स्थापित की गई थी और इसे इंजीनियरों द्वारा प्रमाणित बताया गया था। स्टैच्यू को 11 मीटर ऊंचे मजबूत कंक्रीट बेस पर खड़ा किया गया था। हैरानी की बात यह रही कि स्टैच्यू के गिरने के बावजूद उसका कंक्रीट बेस पूरी तरह सुरक्षित और बरकरार रहा, जबकि ऊपर की विशाल संरचना धराशायी हो गई।
हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई। बताया गया कि स्टैच्यू के गिरने से कुछ ही क्षण पहले आसपास मौजूद वाहनों और लोगों को वहां से हटा लिया गया था। इसी सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की जा रही है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि बदलते मौसम और बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के बीच संरचनाओं की मजबूती और सुरक्षा कितनी अहम हो गई है।