भारतीय रिजर्व ने शुक्रवार को रेपोरेट जारी की जिसे पूर्व की तरह 5.25% स्थिर रखा गया है। आरबीआई का यह फैसला 3 दिन चली लम्बी मीटिंगो के बाद लिया गया।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि विदेशी मुद्रा 223 अरब डॉलर है जो अगले महीने की जरूरतो को पूरा करने पर्याप्त है साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत व सोना चांदी को छोड़ महंगाई नियंत्रवा स्थिति है। आरबीआई के अनुसार पहली तिमाही की GDP 6.9% व दूसरी की 7% रहने का अनुमान है।
क्या है रेपो रेट?
आरबीआई बैंकों का बैंक होता है जो बैंकों व सरकारों को कर्ज देता है बैंक जिस ब्याज दर पर कर्ज लेते हैं उसे रेपो रेट कहते हैं रेपो रेट कम होने से बैंक ग्राहकों को देने वाले लोन की दर को घटा देता है जिसको सीधा लाभ लोगों को मिलने वाले कर्ज में मिलता है
रेपोरेट को कम-ज्यादा करने की मीटिंडा 6सदस्यी दल द्वारा हर 2 माह में की जाती है।की जाती है जिसमें तीन आरबीआई अधिकारी व तीन केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि होते हैं।