सुशांत सिंह राजपूत के निधन को पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी उनके फैंस इस दर्द से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। सोशल मीडिया पर अब भी #JusticeForSushant का ट्रेंड समय-समय पर देखने को मिलता है। हाल ही में सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने कई ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिन्होंने फैंस को भावुक और हैरान दोनों कर दिया है।
श्वेता सिंह सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़ी कई अनसुनी बातें साझा कीं।
उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात एक साइकिक (Psychic) से हुई थी, जिसने उन्हें सुशांत की जिंदगी से जुड़े कई हैरान करने वाले तथ्य बताए।
श्वेता ने कहा —“साइकिक ने मुझे बताया कि मेरा भाई बहुत तेजी से इंडस्ट्री में आगे बढ़ रहा था, लेकिन किसी ने उसकी जिंदगी में कुछ ऐसा किया था जिससे वह टूट जाए। हमारी दीदी को एक फोन आया था, जिसमें कहा गया था कि वह मार्च के बाद ज़िंदा नहीं रहेगा, क्योंकि उस पर ब्लैक मैजिक किया जा रहा है। हम साइंटिफिक फैमिली से हैं, इसलिए उस वक्त हमने यकीन नहीं किया।”
“मेरे भाई का मर्डर हुआ है…” — श्वेता का दावा
उन्होंने सुशांत के आसपास के लोगों से बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने बताया कि अमेरिका में रहने वाले उनके एक जानने वाले रखाला ने उनसे संपर्क किया था। “रखाला ने कहा कि उनकी एक गॉड मदर हैं जो समाधि में जाती हैं। उन्होंने जब ध्यान में सुशांत से संपर्क किया तो कहा — ‘मुझे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है… बस इतना जान लो कि उसका मर्डर हुआ है, दो लोग आए थे।’ ये महिला मुझे और मेरे भाई को जानती भी नहीं थीं।” श्वेता के इस बयान ने एक बार फिर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर उठते सवालों को हवा दे दी है।
अब भी फैंस मांग रहे हैं न्याय
फैंस का मानना है कि उनके बयान कई इशारे कर रहे हैं। गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून 2020 को उनके मुंबई स्थित फ्लैट में हुई थी। तब से ही इस केस को लेकर देशभर में जबरदस्त बहस छिड़ी थी — आत्महत्या या हत्या?
अब श्वेता के नए खुलासों के बाद फैंस फिर से #JusticeForSushant ट्रेंड चला रहे हैं और मामले की दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं।
श्वेता सिंह की किताब और उनका संदेश
श्वेता इस समय अपनी किताब के ज़रिए अपने भाई की यादों को संजोने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा —“मैं चाहती हूं कि लोग सुशांत को केवल उसकी मौत से नहीं, बल्कि उसकी सोच, उसके सपनों और उसके पॉजिटिव एनर्जी से याद करें। वह आज भी हमारे दिलों में जिंदा है।”