गर्मियों में हो सकता है डिहाइड्रेशन का खतरा :कैसे रखें शरीर को ठंडा और हाइड्रेट

Picture of By: Sandhya Samachar Team

By: Sandhya Samachar Team

Share

गर्मियों में हो सकता है मधुमेह का खतरा :कैसे खाने से शरीर ठंडा और ठंडा हो जाता है

गर्मियों का मौसम अकेला गर्मी नहीं लाता वह साथ लाता है चटक धूप, बढ़ता तापमान और डीहाइड्रेशन जैसी दिक्कते। इस मौसम मै शरीर से पानी और ऊर्जा तेज़ी से निकलती है जिसे डीहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) बढ़ जाती है । कई लोग पानी सिर्फ तब ही पीते है जब उन्हे प्यास लगती है लेकिन तब तक शरीर मे पानी की कमी शुरू हो चुकी होती है। इसकी वजह से ना केवल थकान,चक्कर आना या कमजोर महसूस होता है बल्की हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर और चिंताजनक स्थिति भी बन सकती है।
इसलिए गर्मियों के मौसम मै अपने ख़ान-पान और वाटर इनटेक यानी तीन से चार लिटर पानी पीने पर ध्यान ज़्यादा देना चाहिए

डीहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ की मात्रा शरीर मे जाने वाले तरल से अधिक हो जाती है। लंबे समय तक धूप मे रहना, पानी कम पीना, पौष्टिक आहार ना लेना और कैफ़ीन वाले पदार्थ यानी चाय-कॉफ़ी का अधिक सेवन करना निर्जलीकरण के मुख्य कारण मै से है, शुरुआत में इसके संकेत मामूली लग सकते है लेकिन समय के साथ इसके प्रभाव घंभीर हो जाते है। बच्चों, बुजुर्गों और नए युवाओं को अपने दिन दिनचर्या पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन होने से पहले मनुष्य शरीर कुछ लक्षण दिखता है जिन्हें हमे बिल्कुल भी नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए। शुरुआती संकेत जैसे की मुंह सूखना,चक्कर आना,थकान और कमज़ोरी महसूस होना।इनके अलावा गहरे रंग की पेशाब, त्वचा का रूखा होना, बीपी का अचानक गिरना या बढ़ना और ज़्यादा चिड़चिड़ाहट या अधिक गुस्सा आना भी डिहाइड्रेशन के संकेत है हमे इन्हें नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए। बल्की सही समय पर डॉ से परामर्श लेना और अपने खान-पान पर जरूरी चीजों पर ध्यान रखना चाहिए।

Top Stories
Related Post