जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए शहीद शैलेन्द्र सिंह
भिण्ड जिले के वीर सपूत शहीद शैलेन्द्र सिंह भदौरिया को शनिवार को उनके गृह ग्राम चितावली में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद जवान Indian Army की 04 आर.आर. यूनिट में पदस्थ थे और जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
जानकारी के अनुसार, सैनिकों को ऑपरेशन के लिए ले जा रहा एक बख्तरबंद सैन्य वाहन गहरी खाई में गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 10 जवान शहीद हो गए, जबकि 11 सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए। इसी दुर्घटना में भिण्ड जिले के लाल शैलेन्द्र सिंह भदौरिया ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचते ही गूंज उठा गांव
शनिवार को जैसे ही शहीद शैलेन्द्र सिंह भदौरिया का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गांव चितावली पहुंचा, पूरा क्षेत्र ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद शैलेन्द्र सिंह अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा। अंतिम दर्शन के लिए गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
हर आंख नम थी, लेकिन गांव और जिले को अपने वीर सपूत पर गर्व भी था। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने नम आंखों से अपने लाल को अंतिम विदाई दी।
सैन्य अधिकारियों व प्रशासन ने पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
शहीद जवान की पार्थिव देह पर ब्रिगेडियर अमित वर्मा, मेजर अक्षय कुमार, सूबेदार विजय राठौर, सूबेदार मेजर (भूतपूर्व सैनिक) राकेश सिंह, एसडीएम अटेर शिवांगी अग्रवाल सहित सैन्य, प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
पूरे सैन्य सम्मान के साथ:
परंपरागत सैन्य रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ
गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
राष्ट्रध्वज को सलामी दी गई
भिण्ड को गौरव, देश को वीर सपूत
शहीद शैलेन्द्र सिंह भदौरिया का बलिदान भिण्ड जिले ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उनका नाम सदैव देशभक्ति और साहस के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।
शहीद शैलेन्द्र सिंह भदौरिया जैसे वीर जवानों की बदौलत ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। उनका बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। पूरा देश इस अमर सपूत को नमन करता है और शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है।
शत-शत नमन, वीर जवान।
आप अमर हैं।