विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विचार किया है यह कदम संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के विरोध में संविधान की धारा 94(c) के तहत प्रस्ताव उठाया गया।
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विपक्ष का आरोप
विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन में विपक्षी नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। सदन में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही है।
कैसे होगा प्रस्ताव पारित ?
ऐतिहासिक रूप से कभी तक स्पीकर को इस तरह हटाया नहीं गया है। लेकिन लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के लिए विपक्ष को संविधान के अनुच्छेद 94(c) के अनुसार कम से कम 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी है। और लोकसभा के 100 सदस्यों के हस्ताक्षर की भी जरूरत होगी। इस प्रस्ताव को कम से कम 50 सांसदों के समर्थन और सदन के मौजूदा सदस्यों के साधारण बहुमत से पारित करना होगा ।