दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले एनआरआई डॉक्टर दंपति इंदिरा और ओम तनेजा के साथ ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के जरिए करोड़ रुपये की ठगी की गई। इन ठगों ने फोन और वीडियो कॉल पर डराया-धमकाया और खुद को पुलिस और सरकारी अधिकारी बताकर की 14 करोड़ की ठगी।
बुजुर्गों दंपति के बारे में
दंपति 2016 से दिल्ली में रह रहे थे, उनके बच्चे विदेश में हैं। दिसंबर 2025 के अंत से जनवरी 2026 तक 8 किस्तों में कुल 14 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए, जिसमें सबसे पहली किस्त 1.99 करोड़ की थी। ठगों ने नकली मनी लॉन्ड्रिंग केस, नरेश गोयल मामले और सुप्रीम कोर्ट की वीडियो हियरिंग का बहाना बनाया।
ठगो ने ठगी को कैसे दिया अंजाम
ठगों ने दंपति को घर में कैद रखा, फोन की निगरानी की और RBI वेरिफिकेशन के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में RTGS से पैसे भेजने को मजबूर किया। 9 जनवरी को कॉल बंद होने पर ठगी का पता चला।
दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने मामला दर्ज किया है। बैंक ट्रांजेक्शन सबूतों से आरोपियों की तलाश जारी है, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुआ है।