नई दिल्ली। 200 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी के हाई-प्रोफाइल मामले में फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि मामले की जांच और सुनवाई जारी रहेगी, और उचित समय आने पर ही इस पर विचार किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा,
“आरोप है कि आपको 200 करोड़ रुपये का एक हिस्सा उपहार में मिला था। कानून में यह स्पष्ट है कि कोई भी व्यक्ति इसमें शामिल हो सकता है। यदि कोई दोस्त दूसरे को उपहार देता है और बाद में अपराध सामने आता है, तो स्थिति जटिल हो जाती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर पहले भी कोर्ट विजय मदनलाल मामले में विचार कर चुका है।
जैकलीन की दलील
जैकलीन फर्नांडिस की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि उनका इस ठगी से कोई लेना-देना नहीं है।
उनका कहना था:
- “मैं एक फिल्म स्टार हूं, और यह व्यक्ति (सुकेश चंद्रशेखर) एक ठग है, जो जेल में बंद है।”
- “उसने मुझे उपहार भेजे, लेकिन मैंने किसी प्रकार की मनी लॉन्ड्रिंग में भाग नहीं लिया।”
- “200 करोड़ रुपये की ठगी में मेरी कोई भूमिका नहीं है। न तो मैंने किसी को पैसा दिया और न ही कोई लाभ उठाया।”
जैकलीन का यह भी कहना है कि सुकेश उनके प्रति मोहित था और उसने जानबूझकर उनका नाम इस पूरे मामले से जोड़ दिया।
मामला क्या है?
ठग सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने एक कारोबारी महिला से 200 करोड़ रुपये की वसूली की। उसने खुद को मंत्रालय से जुड़ा बड़ा अधिकारी बताकर जमानत दिलाने का लालच दिया। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है।
जांच एजेंसी का कहना है कि ठगी से कमाए पैसों से सुकेश ने जैकलीन फर्नांडिस को कई महंगे गिफ्ट दिए। यही वजह है कि ED ने उन्हें मामले में शामिल किया।
क्यों पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट?
जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 3 जुलाई को उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि आरोपी ने अपराध किया है या नहीं, यह फैसला केवल निचली अदालत में ट्रायल के दौरान ही होगा।
अब सुप्रीम कोर्ट ने भी यही रुख अपनाते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया है।