न्यूयॉर्क टाइम्स: अमेरिका–इज़राइल और ईरान युद्ध में पहली बार होर्मुज खुलने के बात सामने आई है। हाल ही में ईरान ने के द्वारा होर्मुज को खोलने का दावा किया जा रहा है जिसके चलते ईरान ने अमेरिका से अपने समुद्री नाकेबंदी को हटाने के लिए भी अपील की है। विदेशी अखबार न्यूयार्क टाइम्स की ईरान के तीन सैन्य अधिकारियों से बातचीत हुई और उन्हीं के हवाले से या खबर सामने आ रही है। इन रिपोर्ट्स की माने तो ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए बीती रविवार को ही एक नया प्रस्ताव पेश किया है।
इस मसले में तीन मुख्य शर्तें ईरान की तरफ से अमेरिका के सामने पेश की गई थीं। जिसमें पहली शर्त ये थी कि अमेरिका–इजरायल के साथ चल रहा युद्ध खत्म हो और आगे भी हमला ना करने के गारंटी दे। वही दूसरी मुख्य शर्त थी कि अमेरिका समुद्री नाकाबंदी हटाए, होर्मुज को दुबारा खोला जाए और जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होए और इसी कड़ी में तीसरी मुख्य शर्त यह थी कि परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन जैसे विवादित मुद्दों पर बात हो। हालांकि ट्रंप ने इस प्रस्ताव को मानने से साफ इनकार कर दिया है। CNN जो की एक विदेशी मुख्य धारा का मीडिया चैनल है उसके मुताबिक ट्रंप सरकार का सोचना है कि अगर ये सौदा बिना परमाणु कार्यक्रम का मसला सुलझाए होर्मुज को खोला गया तो अमेरिका सरकार का पक्ष इस वार्ता में कमजोर साबित होगा इसलिए दोनों का हाल एक साथ निकला जाना चाहिए।
क्या ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर फंसा पेंच
बीते दो दिनों के अंदर ट्रंप ने दूसरी बार ईरान का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। बीते कई दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर चल रहा है जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान कर रहा है और प्रस्तावों का आदान–प्रदान चल रहा था। लेकिन परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कुछ ऐसे अहम मुद्दे हैं जिन पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
अमेरिका की मांग थी कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दे जो पिछले 20 साल से को रहा है और अपने पास मौजूद 440 किलो समृद्ध यूरेनियम सौंप दे। हालांकि ईरान ने इन सभी मांगों को अनुचित करार दिया और इन्हें ठुकरा दिया।
ईरान का वह प्रस्ताव जो खारिज हो गया
- 5 साल तक यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह रोका जाएगा।
- उसके बाद 5 साल तक बहुत कम स्तर पर, सिर्फ नागरिक उपयोग के लिए संवर्धन होगा।
- अपने यूरेनियम भंडार को कम किया जाएगा।
- आधा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय निगरानी में ईरान में रहेगा।
- बाकी आधा रूस को दे दिया जाएगा।
ईरान के द्वारा यह प्रस्ताव बीती 26 अप्रैल को सौंपा गया था, जिसे ट्रंप ने ठुकरा दिया था। इसके बाद इतना ने एक सुझाव दिया जिसमें उसने अपनी रणनीति बदलते हुए कहा कि अभी के लिए कठिन मुद्दों को दूर रखा जाए। पहले युद्ध खत्म करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो जैसे होर्मुज को खोलना और नाकाबंदी हटाना और उसके बाद परमाणु कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर बातचीत शुरू की जाए, जिसको 27 अप्रैल को ट्रंप ने फिर ठुकरा दिया।